फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेलवे की लापरवाही अमृतसर एक्सप्रेस के यात्रियों पर पड़ी भारी, बोले- उपभोक्ता फोरम जाएंगे

Tue, 17 Jul 2018 04:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 6
- फोटो : डेमो
 रेलवे की लापरवाही अमृतसर एक्सप्रेस के यात्रियों पर भारी पड़ गई। एक ओर ट्रेन दौड़ती रही, लेकिन इन्क्वायरी सिस्टम और हेल्पलाइन इसे निरस्त बताती रही। परेशान यात्री पांच घंटे तक चक्कर लगाते रहे। जब तक रेलवे ने अपनी गलती सुधारी तब तक करीब 50 यात्रियों की ट्रेन छूट चुकी थी। जब वे टिकट रिफंड करवाने पहुंचे तब पता चला कि ट्रेन तो निरस्त ही नहीं हैं। ऐसे में न तो उन्हें रिफंड मिला और न ही वे यात्रा कर पाए। नाराज यात्री अब उपभोक्ता फोरम में इस मामले को दर्ज कराएंगे।
विज्ञापन

2 of 6
- फोटो : डेमो
हावड़ा से अमृतसर जाने वाली ट्रेन 13049 अमृतसर एक्सप्रेस चारबाग स्टेशन पर शाम करीब पौने चार बजे पहुंचती है। ऐशबाग निवासी पवन ने बहन शशि कुमारी व बहनोई धनपाल का इसमें लखनऊ से जालंधर का तत्काल टिकट ऐशबाग स्टेशन से करवाया था। उनके साथ दो बच्चों भी थे। बोगी एस-1 में 54 व 56 नंबर सीटें उन्हें मिलीं। पवन ने बताया कि टिकट कराने के बाद जब उन्होंने नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) पर पीएनआर (6517184900) चेक किया तो ट्रेन नजीबाद से अमृतसर के बीच रद्द बता रही थी। 
विज्ञापन

3 of 6
- फोटो : डेमो
रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल किया तो वहां भी यही बात बताई गई। इस पर रिफंड लेने पवन ऐशबाग स्टेशन पहुंचे तो उन्हें चारबाग भेज दिया गया। स्टेशन मास्टर से पूछा तो उन्होंने कहा कि ट्रेन निरस्त होने की कोई सूचना नहीं है। इसके बाद उन्हें रिजर्वेशन सेंटर, फिर डिप्टी एसएस कॉमर्शियल और फिर स्टेशन मास्टर के पास भेजा गया। यह दौड़भाग करीब पांच घंटे तक चलती रही। इस दौरान हावड़ा में बात हुई तो रेलवे अधिकारियों ने कहा कैंसिलेशन की जानकारी दिल्ली देगा। वहां कॉल किया तो लखनऊ में बात करने को कहा गया। काफी मशक्कत के बाद जानकारी मिली कि ट्रेन निरस्त ही नहीं है। एनटीईएस पर गलत सूचना फीड की गई है। 

4 of 6
- फोटो : डेमो
 इसके बाद कंट्रोल से फीडिंग ठीक की गई, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और ट्रेन चारबाग से रवाना हो गई थी। पवन ने आरोप लगाया कि रेलवे की लापरवाही के चलते उनके रिश्तेदार सफर नहीं कर पाए। वहीं, बताया गया कि जब ट्रेन रद्द ही नहीं तो रिफंड कैसा। रेलवे की लापरवाही का खामियाजा करीब 50 यात्रियों ने भुगता।
विज्ञापन

5 of 6
रेलवे की लापरवाही से घंटों परेशान रहे यात्री - फोटो : amarujala
पीड़ित बोले, न्याय मांगने उपभोक्ता फोरम जाएंगे
पवन ने बताया कि पांच घंटे उनका जो मानसिक तनाव हुआ है, उसके लिए रेलवे जिम्मेदार है। टिकट का पूरा पैसा भी अधिकारियों की गलती से डूब गया। कहा-गलत फीडिंग के मामले को उपभोक्ता फोरम ले जाऊंगा। मेरे जैसे और यात्रियों को यह मानसिक यातना झेलनी पड़ी है।
आखिर कौन देगा सही जानकारी
ट्रेनों से जुड़ी सही जानकारी हासिल करना भी एक बड़ी चुनौती है। एनटीईएस पर गलत फीडिंग आम बात है तो हेल्पलाइन 139 तक पर सही जानकारी नहीं दी जा रही। पूछताछ केंद्र जानकारी के लिए कंट्रोल पर निर्भर है। ऐसे में यात्री क्या करें, इसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
- फोटो : डेमो
दोषियों पर होगी कार्रवाई
अमृतसर एक्सप्रेस की गलत फीडिंग को लेकर यात्रियों को जो असुविधाएं हुई हैं उसकी जानकारी मिली है। मामले की जांच करवाई जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई होगी। - जगतोष शुक्ल, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें