तेजस एक्सप्रेस से आधे स्टाफ को निकाले जाने के बाद बचे हुए स्टाफ पर वर्क लोड बढ़ गया है। एक केबिन क्रू को पूरी बोगी अकेले ही संभालनी पड़ रही है। हालांकि क्रू की सैलरी बढ़ाने और कन्वेंस देने का आश्वासन निजी फर्म की ओर से दिया गया है। तेजस एक्सप्रेस से हाल ही में 18 लोगों की छंटनी कर दी गई थी। जिसमें अधिकतर लड़कियां ही थीं। लड़कियों की शिकायत थी कि उन्होंने छेड़छाड़, सैलरी लेट मिलने जैसे मुद्दों के लिए आवाज उठाई, जिसकी वजह से उन्हें नौकरी से निकाला गया। बाकी बचे स्टाफ पर काम बढ़ गया है। शुक्रवार रात नई दिल्ली से लखनऊ जंक्शन पहुंची तेजस के स्टाफ ने बताया कि जब ट्रेन शुरू हुई थी तो स्टाफ को दो समूहों में बांटा गया था। जिसमें 20-20 लड़कियां थीं। एक दिन पहले समूह की ड्यूटी लगाई जाती थी, दूसरे दिन सेकंड की। चार नवंबर को यह सिस्टम खत्म किया गया।