हाल ही में गोंडा में टेढ़ी नदी पर बना लकड़ी का जर्जर पुल बारातियों से भरी एक बस के गुजरने के दौरान टूट गया था, जिससे बस में बैठे बारातियों की जान सांसत में पड़ गई थी।
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लकड़ी के पुल पर लटकी बस, नदी से निकला रास्ता
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बस में कुल 40 बाराती थे, जो देवरिया से लौट रहे थे। अमूमन उस पुल से यात्रियों को पहले उतारकर खाली बस गुजरती है, लेकिन चालक ने ऐसा नहीं किया।
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पुल टूटने से 12 गांवों की लगभग 25 हजार आबादी का आवागमन प्रभावित हो गया है और लोग पुल के नीचे से कुछ इस तरह आवागमन कर रहे हैं।
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हालांकि इस हादसे में कोई यात्री हताहत नहीं हुआ और सभी लोगों को सकुशल निकाल लिया गया।
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यह हादसा शनिवार रात को हुआ लेकिन सोमवार दोपहर तक वहां बस को निकालने के लिए न ही क्रेन पहुंच सकी थी और न ही किसी जिम्मेदार ने वहां दौरा किया है।
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इससे पहले भी इलाके में पुल टूट चुके हैं। 30 नवंबर 2013 की रात
नवाबगंज से ढेमवाघाट जाने वाले रास्ते पर बना लकड़ी का बलुआ घाट पुल टूट
गया था।