लखनऊ में खराब मौसम के बावजूद महिलाओं ने व्रत रहकर वट वृक्ष की पूजा कर पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य व परिवार की उन्नति की कामना की। इसके लिए सुबह से ही वट वृक्षों के निकट भीड़ लगी रही।
महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन किया। बता दें कि गुरूवार को एक साथ तीन संयोग पड़ रहे हैं। आज साल का पहला सूर्यग्रहण, वट सावित्री व्रत और शनि जयंती पड़ रही है। ऐसे में सूर्यग्रहण के समय से पूर्व ही व्रत व पूजन करना लाभकारी माना जा रहा है।
आचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि ज्येष्ठ माह की कृष्ण अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखा जाता है। महिलाएं ये व्रत पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य व परिवार की उन्नति के लिए रखती हैं। इस दिन वट वृक्ष की पूजा करना श्रेयस्कर माना जाता है।
अमावस्या तिथि 9 जून को दिन में 1 बजकर 57 मिनट से प्रारंभ होकर 10 जून को शाम 4 बजकर 22 मिनट तक है। वहीं, 10 जून को सूर्यग्रहण दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शाम 6 बजकर 41 मिनट तक है। ऐसे में सूर्यग्रहण के पूर्व ही महिलाओं को व्रत व पूजन करना उचित होगा। इसके लिए सुबह से ही वट वृक्षों के निकट महिलाएं मौजूद रहीं।