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पति का शव देखते ही ऐसी हो गई कल्पना की हालत, चीख-चीखकर कहती रही ये बात

Sun, 30 Sep 2018 01:52 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ
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kalpana tiwari - फोटो : amar ujala
एपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी का शव पोस्टमार्टम के बाद जब महानगर स्थित आकाशगंगा अपार्टमेंट पहुंचा तो कोहराम मच गया। पत्नी कल्पना दौड़ते हुए आकर पति के शव से लिपट गई। उसी चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। 
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kalpana tiwari - फोटो : amar ujala
कल्पना चीख-चीखकर कहने लगी- मेरे बेकसूर पति को मार डाला। अरे इनका कोई कोई दोष नहीं था। पुलिस ने किसलिए उन्हें गोली मार दी। 
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kalpana tiwari - फोटो : amar ujala
बगल में बैठी बेटी शिवी को देखकर वह फूट पड़ीं। उसके सिर पर हाथ फेरते हुए बोलीं, अब इन बच्चों को कैसे पालूंगी। बर्बाद कर दिया सब कुछ। बच्चे लेकर कहां जाऊं मैं? 

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kalpana tiwari - फोटो : amar ujala
रोते हुए कहती है कि रात डेढ़ बजे उनको कॉल की तो बताया था आधे घंटे में घर आ रहा हूं। आधे घंटे बीते तो फिर से कॉल की। किसी ने कॉल नहीं रिसीव हुई। कुछ-कुछ देर बाद फोन करती रही। ‘मुझे क्या पता था कि पति की पुलिसवालों ने गोली मारकर हत्या कर दी है।’
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kalpana tiwari - फोटो : amar ujala
कल्पना ने कहा कि एसएसपी ने कहा था कि उनके पास परिवारीजनों से संपर्क करने के लिए कोई नंबर या जरिया नहीं था, इसलिए कार के नंबर के आधार पर जानकारी लेकर परिवार से संपर्क किया गया। कल्पना ने इस बात को सरासर झूठ बताया। विवेक का आईफोन उनकी कार में ही था। वह लगातार उन्हें कॉल कर रही थीं। पुलिस ने कॉल क्यों नहीं रिसीव किया। 
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विवेक तिवारी - फोटो : amar ujala
कल्पना का कहना है कि कार में मौजूद विवेक की पूर्व सहकर्मी भी पूरे परिवार को अच्छी तरह से जानती थी। पुलिस ने उससे मोबाइल नंबर लेकर भी परिवारीजनों से संपर्क करने की जरूरत नहीं समझी? साफ है कि पुलिस पूरा मामला रफा-दफा करने में जुटी थी। कल्पना का आरोप है कि दो घंटे तक पुलिस अधिकारी सिर्फ साजिश रचते रहे।  पौने चार बजे के आसपास किसी ने कॉल रिसीव की और बताया कि विवेक का एक्सीडेंट हो गया है और वह लोहिया अस्पताल में हैं।
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विवेक तिवारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala
एफआईआर को लेकर भी पत्नी ने सवाल उठाए। पत्नी का कहना है कि दोपहर दो बजे तक परिवार के सदस्यों को यह पता ही नहीं था कि हत्या की एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस आखिर ये बात क्यों छिपाती रही। हमें पता चला है मनमाफिक तहरीर लिखवाई पुलिस ने। एफआईआर दर्ज के लिए तहरीर बोल-बोलकर लिखाई गई। इसमें विवेक को सीधे गोली मारने का जिक्र ही नहीं कराया। 
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