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नूरी बाबा या बहरूपिया: पहले मदरसा शिक्षक, फिर कबाड़ी और धर्म गुरु... आखिर क्या है असली पहचान, गुत्थी उलझी

Wed, 08 Jan 2025 04:34 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती

सार

नूरी बाबा के विश्वास पात्र की दुकान पर मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वह धर्मगुरु से लेकर कई तरह के व्यापार से जुड़ा बताया जा रहा है।
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- फोटो : संवाद
नूरी बाबा का पाक प्रेम क्या था। अभी इसकी गुत्थी सुलझी नहीं है। वहीं उसका पश्चिम बंगाल कनेक्शन भी सामने आ गया है। कभी उसके मदरसे में शिक्षक तो कभी आने वाले मेहमानों को लेकर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं। उसके चहेते फोटो स्टेट की दुकान पर मिले आधार कार्ड की छायाप्रति के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं नूरी बाबा का बांग्लादेश या रोहिंग्या कनेक्शन भी तो नहीं था।

मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मनपुर गंगापुर स्थित मदरसा दारुल उलूम फैजुर्रनबी का प्रबंधक मुबारक अली उर्फ नूरी बाबा की गुत्थी लगातार उलझती जा रही है। कभी गांव में जाकर कबाड़ खरीदने वाला मुबारक कबाड़ का थोक व्यापारी बन गया। इससे मिली पहचान ने उसे नूरी बाबा बना दिया। जो टोना टोटका के साथ ही तंत्र-मंत्र भी करने लगा और पहचान बढ़ी तो उसी का फायदा उठाकर वह महानगरों सहित नेपाल, बांग्लादेश, महाराष्ट्र सहित अन्य मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में जाकर खुद को धर्म गुरु बताने लगा। इसके बाद उसने गांव में मदरसा स्थापित किया।
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नूरी बाबा का मदरसा - फोटो : संवाद
जानकारों का कहना है कि इस मदरसे में पढ़ाने के लिए वह बाहर से महिलाएं व पुरुषों को बुलाने लगा। जिनकी पहचान छिपाने के लिए उन्हें अलग-अलग जिलों का निवासी बताता रहा। इसी में वह गोंडा की युवती भी थी जिसके साथ दुष्कर्म के आरोप में फंसा तो निकाह कर लिया।
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- फोटो : संवाद
अब जब नूरी बाबा के एक विश्वासपात्र की फोटो स्टेट की दुकान पर नूरी बाबा द्वारा कराए गए फोटो स्टेट में पश्चिम बंगाल के वीरभूमि के बोनहा बोनहा पायकर वीरभूम, बोनहा बीरभूम वेस्ट बंगाल निवासी आसराफ होसेन पुत्र मुयाक्तार व पश्चिम बंगाल के ही बोनहा वीरभूम निवासी असादुल्ला पुत्र मुजफ्फर का आधार मिला तो सवाल उठने लगे हैं।
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नूरी बाबा के विश्वासपात्र की दुकान से मिला मदरसा शिक्षक का आधार - फोटो : amar ujala
यह आधार देखने में भी कूट रचित नजर आ रहा है। ऐसे में कहीं यह बांग्लादेशी व रोहिंग्या तो नहीं। इसे लेकर भी सवाल उठ रहा है। जिसकी गुत्थी पुलिस की जांच के बाद ही सुलझेगी। फिलहाल नूरी बाबा अपने चार अन्य साथियों के साथ सलाखों के पीछे है।
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