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एक ही बारिश में खुली विश्वस्तरीय आलमबाग बस अड्डा की पोल, देखिए तस्वीरों में हाल

Sun, 15 Jul 2018 04:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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आलमबाग बस अड्डा
एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले आलमबाग बस टर्मिनल के दावे महज एक महीने में हवा-हवाई हो गए। थोड़ी सी बारिश एक-एक कर घटिया निर्माण की कलई खोल रही है। जिस टर्मिनल को पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप मॉडल पर शालीमार कंपनी ने बनाया है, वहां दो दिन से पानी टपक रहा है। घटिया निर्माण की पोल खोलती एक रिपोर्ट...।
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आलमबाग बस अड्डा
बीते दो दिनों से टर्मिनल की छत से पानी टपक रहा है। इसके चलते तीसरे तल से बेसमेंट तक में चारों तरफ अव्यवस्था नजर आ रही है। पानी रिसने से सीलिंग भारी हो गई और गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है।
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आलमबाग बस अड्डा
इसी तरह चारबाग और आलमबाग डिपो के कार्यालय की दीवार में लगी प्लाईवुड भी सील कर फूल गई और उखड़ने लगी। हफ्ते भर पहले जिस ऑफिस की छत, फर्श और दीवार चमक रही थी वहां पानी के दाग पड़ने से उसकी चमक भद्दी पड़ गई है। 

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आलमबाग बस अड्डा - फोटो : अमर उजाला
सीलिंग गिरने के भय से कार्यालय के कर्मचारी कक्ष में बैठने कतराने लगे हैं। बारिश होते ही जैसे छत से पानी टपकना शुरू होता वैसे ही लिफ्ट को बंद कर दिया जाता है। इसके कारण डिपो कार्यालय के कर्मियों एवं अफसरों को 80 सीढ़ी चढ़ना उतरना पड़ रहा है। 
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आलमबाग बस अड्डा - फोटो : अमर उजाला
दरवाजों में लगे ताले तक घटिया क्वालिटी के लगाए गए हैं। कंडक्टरों द्वारा जमा किए जाने वाली नकदी जिस लॉकर में रखी जाती है, उसका ताला टूटने लगा है। कैशियर चिंतिंत हैं कि कहां रखें पैसा। उनको आशंका है कि इतने घटिया लॉक लगे हैं तो कैश कैसे सुरक्षित रहेगा।
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आलमबाग बस अड्डा - फोटो : अमर उजाला
आलमबाग बस अड्डे की तीसरी मंजिल पर आलमबाग एवं चारबाग डिपो का कार्यालय है। इसमें अधिकारी, कर्मचारी, ड्राइवर एवं कंडक्टर की तादाद लगभग 900 है। इस तल पर पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है। सभी को पानी पीने के लिए ग्राउंड तल पर आना पड़ता है। समस्या को अवगत कराने के बाद भी उसका निराकरण नहीं हुआ है। 
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आलमबाग बस अड्डा - फोटो : अमर उजाला
क्षेत्रीय प्रबंधक, लखनऊ परिक्षेत्र परिवहन निगम पल्लव बोस ने कहा कि बारिश का पानी छत से टपकने के कारण अव्यवस्था तो हो गई है। शुक्रवार को मेरे संग शालीमार कंपनी के लोगों ने बस अड्डे का निरीक्षण किया है। पानी का रिसाव स्थल सही करने के बाद टूटी सीलिंग सहित अन्य अव्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
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