वर्ल्ड कूंग चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और एक कांस्य जीतने वाले स्वप्निल कुमार लखनऊ के रेलवे स्टेशन पर धमाकेदार स्वागत किया गया।
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चीन में सबको 'चित' करके लौटा वर्ल्ड चैंपियन!
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आज दोपहर के 12.45 बजे होंगे। एनईआर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह में शताब्दी एक्सप्रेस आने का एनाउसमेंट सुनते ही बोगी नंबर सी-8 बोर्ड के सामने तिरंगा लेकर खड़े बच्चे खुशी से झूम उठे और ढोल नंगाड़े बजने लगे।
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सभी इस ट्रेन में वर्ल्ड कूंग चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और एक कांस्य जीतने वाले स्वप्निल कुमार का स्वागत करने के लिए बेताब दिख दिखे।
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पांच मिनट के बाद चमचमाती ट्रॉफी और मेडल के साथ स्वप्निल ने प्लेटफार्म में कदम रखा और सभी ढोल-नंगाड़ों की थाप नाचने लगे।
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फूल मालाओं से लदे पोते को गले लगाने के बाद मंगल प्रसाद दास का सीना गर्व से और चौड़ा हो गया।
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उन्होंने कहा कि आज ऐसा लग रहा है कि मैं फिर से जवान हो गया हूं। स्वप्निल की सफलता बहुत खुश हूं।
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इस मौके पर स्वप्निल को दुलराते उसके परिजन।
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लखनऊ रेलवे स्टेशन में अपने स्वागत से अभीभूत दिखे स्वप्निल ने कहा कि यहां हुए स्वागत को देखकर अब लगने लगा है कि वाकई वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतकर लौटा हूं।
स्वप्निल ने कहा, ‘नेशनल और वर्ल्ड चैंपियनशिप के स्तर में काफी अंतर है। चीन पहुंचने से पहले ही यह सोच रखा था कि पदक के बारे में सोचे बिना मुकाबले में उतरूंगा। यह तरकीब कारगर साबित हुई और वहां स्वर्ण जीतने में कामयाब रहा।’