विवेक तिवारी को गोली मारने वाले आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी के खिलाफ उसका सहयोगी सिपाही संदीप गवाही दे सकता है। रिमांड पर लिए जाने के बाद संदीप खुद को बेगुनाह बताकर अफसरों के सामने रोता रहा और उसने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उसके सरकारी गवाह बनने के आसार नजर आ रहे हैं। रिमांड की अवधि पूरी होने से पहले दोनों को जेल पहुंचा दिया गया।
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scene recreation of vivek tiwari murder case
- फोटो : amar ujala
गोमतीनगर में एपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शनिवार देर रात एक बार फिर वारदात का नाट्य रूपांतरण किया। इस बार दोनों आरोपी बर्खास्त सिपाही को मौके पर लाकर हत्या के वक्त पर ही क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया गया, हालांकि प्रत्यक्षदर्शी सहकर्मी मौके पर नहीं थी। सुनसान सड़क पर आधी रात के बाद 55 मिनट के रीक्रिएशन में माना कि करीब 55 सेकेंड में वारदात अंजाम दी गई थी।
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vivek tiwari
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पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय के नेतृत्व में एसआईटी पुलिस कस्टडी रिमांड पर जेल से लाए गए बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी व संदीप कुमार को लेकर रात 1:45 बजे मौके पर पहुंची। मौका ए वारदात से 40 मीटर दूर खड़ी गाड़ी में प्रशांत व संदीप को साथ लेकर एसआईटी के दो सिपाही बैठे।
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vivek murder case
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आईजी ने एसएसपी को साथ लेकर आसपास का जायजा लिया कि विवेक तिवारी की हत्या के वक्त मौके पर कितनी रोशनी होगी? एसयूवी और बाइक को आमने-सामने कराने के साथ आईजी ने दूर खड़ी गाड़ी में बैठे संदीप कुमार से मोबाइल पर बात शुरू की। उसके बताए स्थान पर एसयूवी के आगे बाइक खड़ी कराई और टक्कर लगने से बाइक के गिरने का दृश्य दोहराया। दरअसल, विवेक तिवारी हत्याकांड की रात आरक्षी संदीप बाइक चला रहा था और प्रशांत चौधरी पिछली सीट पर था।
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vivek murder case
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संदीप से घटनाक्रम पूछने के बाद आईजी ने प्रशांत चौधरी से मोबाइल पर बातचीत शुरू की। उसके बताए स्थान पर एसआईटी के एक आरक्षी को खड़ा करके एसयूवी की ड्राइविंग सीट को निशाने पर लिए जाने का अनुमान लगाया। बगल वाली सीट पर वारदात की चश्मदीद विवेक की पूर्व महिला सहयोगी के स्थान पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी को बैठाया गया। इलाके के सीसीटीवी फुटेज और दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद माना जा रहा है कि लगभग 55 सेकंड में वारदात अंजाम दी गई थी।
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vivek murder case
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रीक्रिएशन की तीन घंटे चली तैयारी
सीबीआई की तर्ज पर विवेक तिवारी हत्याकांड की पड़ताल करा रहे आईजी सुजीत पांडेय ने शनिवार दोपहर से ही क्राइम सीन रीक्रिएशन का खाका तैयार करना शुरू कर दिया था। एसएसपी कलानिधि नैथानी के साथ मंत्रणा की। आरोपी प्रशांत व संदीप को लेकर देर शाम जेल से निकले निरीक्षक विकास कुमार पांडेय को हत्याकांड के वक्त यानी रात 1:30 से 2 बजे के बीच की तैयारी समझाई। गोमतीनगर के प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकी सिंह को रीक्रिएशन के संबंध में निर्देश दिए। पुलिस ने रात 10:30 बजे से मौके पर तैयारी करनी शुरू कर दी थी। रीक्रिएशन की भनक लगते ही मीडियाकर्मी भी आधी रात को एकत्र होने लगे।
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vivek murder case
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जांच टीम की दिखी लापरवाही
दोनों आरोपियों को लेकर मौके पर पहुंची एसआईटी ने क्राइम सीन का रीक्रिएशन शुरू किया तो उस मॉडल की बाइक नहीं थी जिस पर प्रशांत और संदीप 28 सितंबर की रात गश्त करने निकले थे। पुलिस ने एक मीडियाकर्मी की बाइक पेश की। इस पर आईजी ने फटकार लगाई। आननफानन में थाने से वैसी ही बाइक मंगाई गई। आरोपी प्रशांत चौधरी के स्थान पर पिछली सीट पर बैठे सिपाही के पास डंडा न देखकर आईजी खफा हुए। प्रभारी निरीक्षक महानगर ने डंडे का इंतजाम किया।
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vivek murder case
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बाइक गिराते ही बहा पेट्रोल
आरोपी संदीप कुमार के बताए स्थान पर बाइक खड़ी करके उसके सामने एसयूवी को आगे-पीछे करके जायजा लिया गया। इसके बाद एसयूवी की टक्कर से बाइक गिरने के दृश्य का रूपांतरण हुआ। बाइक गिरते ही पेट्रोल बह चला। यह देखकर आईजी व एसएसपी ने मोबाइल फोन पर जानकारी दे रहे संदीप से सवाल किया कि वारदात के वक्त गिरी बाइक से पेट्रोल नहीं गिरा था। उसने नॉब बंद करने व टंकी में पेट्रोल कम होने की बात कही।
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vivek murder case
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पिस्टल तानी न फायर का एंगल
दोनों आरोपियों की मौजूदगी में क्राइम सीन के रीक्रिएशन में पिस्टल तानने और गोली का एंगल बनाने का दृश्य नहीं था। विभिन्न पहुलओं पर 55 मिनट छानबीन के बाद रात 2:40 बजे दोनों आरोपियों को लेकर एसआईटी रवाना हो गई।
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विवेक हत्याकांड
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गुत्थी सुलझाने को दोबारा रीक्रिएशन
एसआईटी का नेतृत्व कर रहे पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय ने बताया कि विवेक तिवारी हत्याकांड की प्रत्यक्षदर्शी के बयान व आरोपी संदीप और प्रशांत से पूछताछ, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विगत दिनों क्राइम सीन रीक्रिएट किया गया था। वारदात के वक्त मौके पर रोशनी, घटनाक्रम और अन्य बिंदुओं पर छानबीन के लिए दोनों आरोपियों का पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर दोबारा क्राइम सीन रीक्रिएट किया गया। इससे विवेक तिवारी हत्याकांड की तस्वीर लगभग साफ हो चली है।
चार बिंदुओं पर तहकीकात करके लौट गई एसआईटी
विवेक तिवारी हत्याकांड के आरोपियों को लेकर रात 1:45 बजे मौके पर पहुंचे एसआईटी प्रमुख सुजीत पांडेय ने चार बिंदु एबीसीडी बनाए। ए पर एसयूवी, बी पर बाइक, सी पर प्रशांत चौधरी और डी पर संदीप की मौजूदगी मानकर छानबीन की। गोली लगने के बाद विवेक तिवारी की गाड़ी अंडरपास के पिलर से टकराने वाले स्थान को जांच में शामिल नहीं किया। आईजी सुजीत पांडेय का कहना है कि एसआईटी विवेक तिवारी की हत्या की जांच कर रही है न कि हादसे की।
गोली लगने के बाद पिलर से गाड़ी टकराई और उसके बाद गाड़ी का क्या हुआ? इससे एसआईटी की जांच पर कोई असर नहीं है। एसआईटी को जानना था कि किन परिस्थितियों में प्रशांत चौधरी ने विवेक तिवारी को सर्विस पिस्टल से निशाना बनाया। उस वक्त सुनसान सड़क पर कितनी रोशनी थी। एसयूवी की टक्कर के बाद बाइक कैसे गिरी और संदीप कुमार ने क्या देखा? क्राइम सीन के दूसरे रीक्रिएशन में गुत्थी सुलझने लगी है।