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डॉ कलाम से मिले सम्मान ने बदल दी इस युवक की जिंदगी

Sat, 16 Jun 2018 11:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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विमलेश निगम - फोटो : amar ujala
एक छोटी सी प्रेरणा और सम्मान इनसान की जिंदगी में बड़े बदलाव ला देती है। ऐसा ही कुछ हुआ विमलेश निगम के साथ, जिन्हें पर्यावरण आधारित एक प्रोजेक्ट केे लिए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम के हाथों सम्मान मिला तो उनकी जिंदगी का उद्देश्य बदल गया। आज वह पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में जुटे हैं और लोगों को जागरुक कर रहे हैं। 
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lucknow university - फोटो : amar ujala
लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र विमलेश निगम न सिर्फ कैम्पस में बल्कि दूर-दूर तक पर्यावरण संरक्षक के लिए भी जाने जाते हैं। विमलेश अपने कुछ साथियों के साथ शहर में यहां-वहां छोटे-बड़े कार्यक्रम करते, लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते भी नजर आ जाएंगे। विमलेश बताते हैं कि कुशीनगर में जब कक्षा छह का स्टूडेंट था तब राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार करने की जिम्मेदारी मिली थी। उसका विषय ‘जैव विविधता’ था।
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डॉ अब्दुल कलाम (फाइल फोटो - फोटो : डेमो
स्कूल की मदद से प्रोजेक्ट तैयार किया तो उसे वर्ष 2006-07 में राष्ट्रीय स्तर पर चुना गया। इस प्रोजेक्ट के लिए उस समय राष्ट्रपति डॉ. कलाम के हाथों मुझे पुणे में सम्मान मिला। सम्मान ने खुशी के साथ मेरी जिंदगी की दिशा भी बदल दी। इसके बाद मैंने ठान लिया कि पर्यावरण के लिए कुछ करना है। पढ़ाई के साथ-साथ कैंपस में पौध रोपण करना शुरू किया। इसके अलावा लोगों को पर्यावरण और जैव विविधता के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया। विमलेश इस समय शहरवासियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए बेजुबान क्रांति अभियान चला रहे हैं।
 

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- फोटो : डेमो
पौधा लगाने के साथ ही उसे बचाना भी जरूरी
विमलेश के अनुसार पौधा लगाना बहुत जरूरी है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पौधा लगाने के कुछ दिन बाद ही सूख जाता है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि हम न सिर्फ पौधा लगाएं बल्कि उसका संरक्षण भी करें। तभी आने वाले समय में हम एक सुरक्षित वातावरण तैयार कर सकेंगे।
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विमलेश निगम - फोटो : amar ujala
धर्म गुरुओं को जोड़ने की तैयारी
विमलेश ने बताया कि उनका अगला मकसद धर्म गुरुओं को एक मंच पर लाना है। सवाल होगा कि उनका धर्म पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या कहता है। असल में हर धर्म पर्यावरण संरक्षण की बात कहता है। धर्मगुरु जब इस बारे में बताएंगे तो लोग जागरूक होंगे। इसकी तैयारी जोरों पर है। 
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