कानपुर में दबिश के दौरान आठ पुलिसकर्मियों के हत्यारोपी कुख्यात विकास दुबे के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद पुलिस उसके भाई दीप प्रकाश दुबे उर्फ दीपक दुबे को भूल गई है। यही नहीं, पुलिस ने विकास की पत्नी ऋचा और परिवार के अन्य सदस्यों से भी नजरें हटा ली हैं, जबकि इन लोगों के पास विकास के लखनऊ में काले कारनामों का चिट्ठा है।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस न ही दीप प्रकाश की तलाश कर रही है और न ऋचा से पूछताछ कर रही है।कुख्यात विकास दुबे ने कानपुर के बिकरू गांव में जिस 30 स्प्रिंगफील्ड राइफल से पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसाकर उनकी जान ली थी, वह विकास के भाई दीप प्रकाश उर्फ दीपक के नाम पर है।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
उक्त राइफल के बारे में दीपक से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। साथ ही लखनऊ में विकास दुबे के कारोबार, उसके राजनीतिक पार्टियों और बड़े नेताओं से संबंध, कारोबारियों से डीलिंग समेत लखनऊ में जमीनों का काला कारोबार दीपक या फिर उसकी पत्नी ऋचा जानती है।
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विकास दुबे को गिरफ्तार करती पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
ऋचा फिलहाल अपने बच्चों के साथ कृष्णानगर की इंद्रलोक कॉलोनी में विकास की मां के मकान में रह रही है। पुलिस ने विकास के काले धंधे और उसके सहयोगियों के बारे में ऋचा से पूछताछ करने की जरूरत तक नहीं समझी। दीपक का भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। दीपक कहां है? क्या कर रहा है? उसे किसने शरण दे रखी है? इन सवालों का जवाब किसी पुलिस अधिकारी के पास नहीं है।
वारदात के कुछ घंटे बाद ही यहां लखनऊ की कृष्णानगर स्थित इंद्रलोक कॉलोनी में अलग-अलग मकान में रह रही उसकी पत्नी ऋचा व छोटा भाई दीप प्रकाश दुबे उर्फ दीपक भाग गए थे। विकास के एनकाउंटर के बाद ऋचा तो रहस्यमय परिस्थितियों में लौट आई थी, लेकिन दीपक का कुछ पता नहीं चल सका है। पुलिस ने उसे ढूंढ़ने के प्रयास भी बंद कर दिए हैं।