लखनऊ की एंब्राइडरी तो बाराबंकी का दुपट्टा बनेगा पहचान
कारीगर पीढ़ियों से स्थानीय संसाधन से कोई न कोई खास उत्पाद को तैयार कर रहे हैं लेकिन तकनीक व आर्थिक संसाधन की कमी के चलते वह बदलते बाजार की प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पा रहे हैं। सरकार इस योजना के जरिये कारीगरों को नई तकनीक व आर्थिक संसाधन मुहैया कर आगे बढ़ाने का काम करेगी। लखनऊ की एंब्राइडरी तो दूर-दूर तक मशहूर है, लेकिन बहुत लोगों को एटा की घंटी, बलिया की बिंदी, बाराबंकी के दुपट्टा और सीतापुर की दरी के बारे में जानकारी नहीं होगी।