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यूपी बोर्ड रिजल्ट: अभावों के बावजूद बुलंद हौसलों से लिखी सफलता की इबारत

Sat, 10 Jun 2017 02:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी बोर्ड रिजल्ट - फोटो : amar ujala
न तो उनके पास सुख-सुविधाएं हैं, न ही घर के किसी पढ़े-लिखे का मार्गदर्शन। कुछ तो अपने माता-पिता को खो चुके हैं, लेकिन अभावों में पल रहे इन बच्चों के घर मजबूत इरादे और कड़ी मेहनत की दौलत से भरे हुए हैं।

इसी मेहनत, हौसले और लगन के दम पर तमाम आर्थिक अभावों को मात देकर हुए होनहारों ने अपनी सफलता की इबारत लिखी है।

यूपी बोर्ड की दसवीं और 12वीं की परीक्षा में दुश्वारियां झेल रहे इन बच्चों ने अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होकर सफलता की नई कहानी लिखी है। ‘ अमर उजाला’ ने ऐसे कुछ स्टूडेंट से बात करके उनकी सफलता की कहानी जानने का प्रयास किया। पेश है रिपोर्ट-
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आर्किटेक्ट बनेगा राजगीर का बेटा
आयुष चौहान, क्लास-10

पेशे से राजगीर शिवमूर्ति व पत्नी ज्ञानवती की आंखों में बेटे को आर्किटेक्ट बनाने का सपना पल रहा है। शुक्रवार को यूपी बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद उनके सपनों को पर मिल गए। आशियाना स्थित कृष्णा पब्लिक स्कूल के छात्र आयुष  उनके बेटे आयुष चौहान ने यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा में 87.8 फीसदी अंक हासिल किए हैं। बिना किसी ट्यूशन या कोचिंग के इतने नंबर हासिल करने वाले आयुष का कहना है कि अपने पापा और मम्मी की वजह से ही वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं। आयुष कहता है कि वह आर्किटेक्ट बनकर अपने घरवालों को शानदार घर में ले जाने का सपना देखता है। (तस्वीर में परिवार के साथ आयुष।)

सफलता का श्रेय : मम्मी और पापा
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मजदूर के बेटे ने हासिल किए 78 फीसदी नंबर
हरिओम कुशवाहा, क्लास-12

रामकिशोर और उनकी पत्नी भोली कुशवाहा के लिए शुक्रवार का दिन एक नई उम्मीद लेकर आया। क्रिएटिव कॉन्वेंट में क्लास 12 में पढ़ने वाले उनके बेटे हरिओम कुशवाहा ने 78 फीसदी अंक हासिल किए हैं। हरिओम के पिता दिहाड़ी मजदूर। पास में जमीन भी नहीं हैं। ऐसे में मजदूरी करके ही घर का गुजर-बसर हो पाता है। हरिओम का कहना है वह पॉलीटेक्निक करना चाहता है। वह कहता है कि नौकरी करना बेहद जरूरी है। तभी उसके घर की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। (तस्वीर में मां व भाई के साथ हरिओम।)

सफलता का श्रेय: मम्मी और पापा के साथ ही टीचर्स

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माता-पिता नहीं रहे, पर उनके सपनों को पूरा करेंगे
टेक्निकल हाईस्कूल में कक्षा 10 के छात्र कैलाश कुमार गुप्ता ने अपने दिवंगत माता-पिता को अपनी सफलता समर्पित की है। कैलाश को 10वीं में 72 फीसदी अंक मिले हैं। माता-पिता की मृत्यु के बाद उनके चाचा ने उसे गोद लिया है। स्कूल के प्रिंसिपल देवेंद्र गर्ग ने बताया कि कैलाश इंजीनियर बनने का ख्वाब देख रहा है। इसी स्कूल के 10वीं के छात्र विशाल कुमार यादव के पिता पृथ्वीनाथ यादव शटरिंग का काम करते हैं। विशाल ने 10वीं मे 70 फीसदी अंक हासिल किए हैं। (तस्वीर में कैलाश और विकास।)
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बड़ी बहन ने किया यूपी टॉप तो छोटी भी कम नहीं
एलपीएस की छात्रा शिवानी राठौर ने इंटर में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। उसे बड़ी बहन से हमेशा प्रेरणा मिलती रही। बड़ी बहन ज्योति राठौर ने इंटर में वर्ष 2015 में 97.2 प्रतिशत के साथ पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। वह बिट्स पिलानी बिट्स पिलानी से कम्प्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रही हैं। पूरा खर्चा सरकार ने वहन किया है। दोनों बेटियों की सफलता पर पिता विशाल ने बताया कि बेटियों ने जो मान सम्मान दिया वह बेटों से भी बढ़कर है। पिता पारा में परचून की दुकान चलाते हैं। शिवानी भी बड़ी बहन की तरह भविष्य का सपना संजोए हुए है। वह डॉक्टर बनना चाहती है और इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। (परिवार के साथ शिवानी।)

सफलता का श्रेय : परिवार व शिक्षक
सक्सेस मंत्र : रोजाना आठ घंटे की पढ़ाई, नोट्स को घर पर पढ़ना और एक्सट्र नोट्स बनाकर प्रैक्टिस करना।
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