UP Bank Robbery: बैंक में लॉकर काटकर चोरी होने पर लॉकरधारकों का दर्द छलका। बोले- पाई-पाई जोड़कर जेवर बनवाए थे। सब लुट गया। अब कैसे होगी बिटिया की शादी? आगे पढ़ें और जानें पूरा मामला...
राजधानी लखनऊ में बैंक लॉकर काटकर करोड़ों का माल चोरी हो गया। लॉकरधारकों को जानकारी हुई तो पैरों तले जमीन खिसक गई। 'अगले वर्ष बिटिया की शादी है। उसी के लिए पाई-पाई जोड़कर जेवर बनवाए थे। सब लुट गया...'। ये शब्द थे रुंधे गले से चिनहट निवासी ज्योति श्रीवास्तव के। उनका चिनहट के कंचनपुरी मटियारी स्थित ओवरसीज बैंक में लॉकर संख्या 71 था, जहां शनिवार रात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया था।
सोशल मीडिया से घटना की जानकारी मिलने पर सोमवार सुबह वह पति आनंद व बेटी के साथ बैंक पहुंचीं थीं। आनंद पशुपालन विभाग में वरिष्ठ सहायक पद से सेवानिवृत्त हैं। कुछ देर बाद ज्योति बैंक से निकलीं तो उनकी आखों से निकले आंसू दर्द बयां कर रहे थे। पति उन्हें सांत्वना दे रहे थे।
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Lucknow Bank Robbery
- फोटो : अमर उजाला
ज्योति ने कहा कि शादी समारोह में वह खुद आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनती थीं कि कहीं असली जेवर चोरी न हो जाएं। किसे पता था कि वह जिन जेवरों को बचा रही हैं वह बैंक के लॉकर से ही चोरी हो जाएंगे। वह प्रतिवर्ष 2200 रुपये किराया देती थीं। 25 हजार की एफडी भी लगाई थी। बैंक के बाहर लॉकर धारकों ने बैंक अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
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लॉकर 77 की जानकारी लेकर लौटती ग्राहक
- फोटो : अमर उजाला
टूटा लॉकर, 1.15 करोड़ के जेवर चोरी
अलीगंज निवासी मधु के मुताबिक उनकी बहन कुकुम नोएडा में रहती हैं। बहन का बैंक में लॉकर संख्या 32 था। बहन ने मेहनत की कमाई से 1.15 करोड़ के जेवर खरीदे थे, जो लॉकर में रखे थे। सब लुट गया।
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बैंक पहुंचे ग्राहक ने बताया हाल
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व विधायक की पत्नी के दो लॉकर टूटे
सिद्धार्थनगर के पूर्व विधायक रवींद्र प्रताप सिंह की पत्नी लक्ष्मी के बैंक में दो लॉकर थे। उनकी लॉकर की संख्या 59 और 70 थी। चोरों ने दोनों लॉकर तोड़ दिए और लाखों का सामान बटोर ले गए।
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Lucknow Bank Robbery
- फोटो : अमर उजाला
लॉकर में न रखती जेवर तो आज पछतावा न होता
मटियारी निवासी रेनू सिंह के पति रघुवंश गुजरात में काम करते हैं। उनका लॉकर संख्या 74 था। सोमवार सुबह बैंक पहुंची रेनू ने बताया कि रविवार रात में बैंक का लॉकर टूटने की सूचना मिलने पर तत्काल वह पहुंची थी। पर उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पाई थी। सोमवार सुबह जब वह बैंक पहुंची तब उन्हें लॉकर के टूटे होने की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि अगर वह जेवर लॉकर में न रखतीं तो आज पछतावा न होता।
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बैंक में तैनात सुरक्षाकर्मी
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तीन पीढि़यों के जेवर कुछ घंटे में चले गए
चिनहट की गीता सिंह का लॉकर संख्या 72 है। उनके पति सुरेश सिंह अधिशाषी अभियंता के पद से रिटायर्ड हैं। बैंक से रोते बिलखते निकलीं गीता ने कहा कि उनकी शादी के समय सास ने जेवर दिए थे जो लॉकर में रखे थे। बेटी और बहू के भी जेवर थे। पति ने अपने फंड से भी जेवर बनवाए थे। तीन पीढि़यों के जेवर कुछ घंटे में चोरी हो गए।
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जांच के बाद खाताधारकों को दिया गया प्रवेश
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दस लाख रुपये और जेवर समेट ले गए चोर
लखनऊ सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुशवाहा की पत्नी ऊषा का बैंक में लॉकर संख्या 65 था। उन्होंने बताया कि 13 साल पहले 2400 रुपये प्रतिवर्ष किराये पर लॉकर लिया था। लॉकर में 11 लाख रुपये, 400 ग्राम सोना और करीब 800 ग्राम चांदी के जेवर रखे थे।
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लॉकरधारकों ने बताई पीड़ा
- फोटो : अमर उजाला
लॉकर टूटा देखकर महिला और वृद्धा हुईं बेहोश
चिनहट की रहने वालीं शशि कला का लॉकर लॉकर संख्या 48 था। सूचना मिलते ही वह दौड़े-दौड़े बेटी के साथ बैंक पहुंची। लॉकर टूटा देख वह गश खाकर गिर पड़ीं। बेटी ने उनके चेहरे पर पानी डाला तब उन्हें होश आया। थोड़ा संभलने पर वह रोते बिलखते बाहर आईं और सिर पर हाथ रखकर कुछ देर तक सड़क पर ही बैठी रहीं। इसी तरह लॉकर टूटा देखकर वृद्धा भारती की हालत बिगड़ गई। वह अपने बेटे के साथ आई थीं।