शिया चांद कमेटी अध्यक्ष मौलान सैफ अब्बास नकवी का कहना है कि केंद्र सरकार का दावा है कि यह बिल मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न खत्म करने के लिए लाया जा रहा है। जबकि, इसमें महिलाओं को फायदा देने वाला प्रावधान ही नहीं है। एक साथ तीन तलाक पीड़िता की मदद के लिए कोई फंड नहीं बनाया गया है। तलाक के बाद महिलाएं आर्थिक परेशानी झेलती हैं। अदालत में केस चलेगा तो वे वकीलों की फीस कहां से लाएंगी। सरकार को यह तय करना चाहिए कि केस लड़ने के लिए कौन धन खर्च करेगा।