लखनऊ में पुलिस ने सगे भाइयों द्वारा खेले गए खूनी खेल का पर्दाफाश किया है। दो ने मिलकर अपने उसी तीसरे भाई को मार डाला जिनके साथ वो बचपन में खेले थे। हत्या के वक्त उनके हाथ भी नहीं कांपे। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
1 of 5
भाई की हत्या करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी
राजधानी लखनऊ में बांक नाले में मिली युवक की लाश के मामले में होश उड़ाने वाला खुलासा हुआ है। उसकी हत्या उसी के भाइयों ने जमीन के लिए कर दी। एक कजिन भाई ने भी दोनों आरोपियों का साथ दिया था। मां की तहरीर पर केस दर्ज करके पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटना मोहनलालगंज के गौतमखेड़ा की है। यहां स्थित बांक नाले में अमित की लाश मिली थी। वह राधाकृष्ण खेड़ा गांव का रहने वाला था। मामले में पुलिस ने सगे भाइयों और मौसेरे भाई को गिरफ्तार किया है। इन्होंने पीट-पीटकर उसे मार डाला था। पहले आरोपियों ने भाई के आत्महत्या करने की बात कहकर पुलिस को गुमराह किया था।
विज्ञापन
2 of 5
अमित की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के गहन अध्ययन के बाद पुलिस को पता चला कि अमित के सिर पर चोट के निशान थे। यही नहीं उनकी गर्दन पर भी चोट लगी थी। इससे साफ था कि पिटाई से मौत हुई थी। इसके बाद शव को ऑटो से ले जाकर बांक नाले में फेंका गया था।
विज्ञापन
3 of 5
anuj crime
- फोटो : iStock
एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है। विसरा भी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। आरोपियों ने हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए अमित का गला भी कसा था।
बताया कि विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद पूरा मामला स्पष्ट हुआ। मामले में अमित की मां जगदेई की तहरीर पर उनके बड़े बेटे बेचालाल, छोटे बेटे प्रेम और भांजे मुकेश के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
4 of 5
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां जगदेई के मुताबिक, 21 नवंबर की रात में अमित का तीनों आरोपियों से जमीन के लिए झगड़ा हुआ था। इस पर आरोपियों ने अमित की हत्या कर दी। आरोपियों ने जगदेई को किसी से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद उन्होंने दो बोरियों में मौरंग भरने के बाद शव को उसी से बांध दिया।
जगदेई का कहना है कि लाश नाले में डालकर वापस चले आए थे। शव ले जाने के लिए ऑटो का इस्तेमाल किया गया था। उनका पैर फ्रैक्चर है। इसके कारण वह पुलिस से शिकायत करने नहीं जा सकीं। बेटे के शव के अंतिम संस्कार के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।