लखनऊ में पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए ये प्लानिंग की है। पूरी खबर जानने के लिए आगे की स्लाइड पर क्लिक करें।
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- फोटो : डेंमो
आने वाले पर्यटकों की हर पसंद और नापसंद को लेकर अब पर्यटन विभाग ज्यादा सजगता बरतेगा।वह क्या खाते या खरीदते हैं। कहां घूमते हैं और वहां कैसे पहुंचते हैं। इसे लेकर विभाग टूरिस्टों का डाटा बैंक बनाने जा रहा है। इस डाटा बैंक के आधार पर पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और उनके सत्कार पर फोकस किया जाएगा।
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इतना ही नहीं सोशल मीडिया के जरिए भी पर्यटकों से संपर्क बनाए रखा जाएगा। इन सबके पीछे मंशा, लखनऊ में पर्यटन को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की यह अपनी तरह की अनोखी पहल है। होटलों से लेकर ऐतिहासिक धरोहरों और एयरपोर्ट-रेलवे स्टेशनों से बस अड्डों तक पर पर्यटकों का रिकॉर्ड दर्ज होगा, जिसे पर्यटन विभाग कम्पाइल करेगा
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पर्यटकों के ट्रेवेल बिहेवियर को लेकर गणना कराई जा रही है। इस बाबत पर्यटन महानिदेशालय की ओर से सभी क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। इसके बाद होटलों, पर्यटन केंद्रों, टूर-ट्रेेवलरों को प्रोफॉर्मा भेजने का काम जल्द शुरू हो जाएगा।
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अधिकारियों का दावा है कि पर्यटकों का डाटा बैंक तैयार हो जाने से योजनाओं को बनाने में मदद मिलेगी। पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। यातायात से लेकर सुरक्षा तक पर फोकस किया जा सकेगा।
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हर साल आते हैं 49 लाख पर्यटक
लखनऊ में प्रतिवर्ष 49 लाख से अधिक टूरिस्ट आते हैं। पर्यटन विभाग के पास घरेलू व विदेशी पर्यटकों की संख्या तो रहती है। पर, वे कहां से आए हैं और कहां-कहां घूमने गए हैं। क्या खरीदारी की है, इस बात का लेखा-जोखा अब तैयार करवाया जाएगा।
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यह योजना सूबे में पर्यटन के विकास में अहम साबित हो सकती है। इसके अतिरिक्त पर्यटकों से हर पर्यटन स्थल, होटल व ट्रांसपोर्टेशन हब पर फीडबैक लिया जाएगा। उनके अनुभवों को दर्ज किया जाएगा। ट्रेवेल बिहेवियर का डाटा बैंक बनाने में मार्केट रिसर्च प्रोफेशनल सर्विसेज की मदद ली जाएगी।
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पर्यटक शहर में कहां से एंट्री कर रहा है और कहां से एग्जिट कर रहा है, इस फॉर्मेट में उसका रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। मसलन, पर्यटक एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन या निजी साधनों से शहर में आया है। किस जगह से एंट्री हुई है। विभाग का दावा है कि ऐसा करने पर उस संबंधित जगह को विकसित करने में मदद मिलेगी।
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टिकटिंग से होगी रेटिंग
लखनऊ ऐतिहासिक शहर है। इमामबाड़ा, सतखंडा, छतर मंजिल, रेजिडेंसी, रूमी गेट जैसी धरोहरें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां बिकने वाले टिकटों के आधार पर रेटिंग की जाएगी। इससे व्यवस्थाएं व सुविधाएं बढ़ाने में मदद मिलेगी। धरोहरों के साथ होटलों की भी रेटिंग की जाएगी।
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पर्यटकों के टच में रहेगा विभाग
अधिकारियों का दावा है कि पर्यटकों का रिकॉर्ड व डाटा बैंक बन जाने के बाद विभाग लगातार उनसे संपर्क बनाए रखेगा। त्योहारों पर शुभकामना देने के साथ पैकेजों व पर्यटन से जुड़ी नई योजनाओं की जानकारियां लगातार पर्यटकों को दी जाती रहेंगी। इसके लिए सोशल मीडिया यानी ट्विटर, फेसबुक, इस्टाग्राम, ईमेल के जरिए उनसे टच बनाए रखा जाएगा।
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हर केंद्र पर लेंगे फीडबैक
विभाग पर्यटकों से हर स्तर व केंद्र पर फीडबैक लेगा। इसके लिए प्रश्नोत्तरी होगी, जो पर्यटकों के अनुभव के आधार पर भरी जाएगी। अगर पर्यटक आगरा से लखनऊ घूमने आया है और यहां धरोहरों में गया है। होटल में रुका है और लोकल मार्केट घूमा है तो हर स्थल पर उससे फीडबैक लिया जाएगा, जिसे विभाग में कम्पाइल करवाया जाएगा।
‘पर्यटकों के ट्रेवेल बिहेवियर को लेकर डाटा बैंक बनाने की योजना है। एंट्री व एग्जिट पॉइंट से लेकर उनके ठहरने, घूमने-फिरने, खरीदारी वगैरह का रिकॉर्ड बनाया जाएगा, जिससे पर्यटन को विकसित करने की योजना में मदद मिलेगी। इसका प्रोफॉर्मा तय है और पर्यटकों से फीडबैक भी लिया जाएगा।’ - आरपी यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी