माथे पर टीका और मूर्ति पर माथा। अनायास नहीं है कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का यह स्वरूप। हिंदू संस्कृति के प्रतीकों के बहाने वह स्पष्ट संदेश देना चाहती हैं कि कांग्रेस को इनसे परहेज नहीं है। प्रियंका हिंदुस्तान में भगवा रंग के त्यागमयी इतिहास का महत्व बताने से भी नहीं चूकतीं। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में यह कांग्रेस का भी बदला स्वरूप कहा जाएगा।
10 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन प्रियंका ने पीसीसी मुख्यालय पर अहम बैठकों में हिस्सा लिया। माथे पर वह बड़ा तिलक लगाकर पूरे समय बैठक में रहीं। गणेथ चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा- विघ्नहर्ता भगवान सिद्धि विनायक आप सबका कल्याण करें।
रविवार को रायबरेली के एक मंदिर में प्रियंका का माथा टेकना भी उनकी ओर से यह संदेश देने का प्रयास ही कहा जाएगा कि वह हिंदू तो हैं, पर उस धारा की जिनके रास्ते संघ परिवार से एकदम अलग हैं।