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बैंक में लूट: चोरी गए गहनों पर बैंक प्रबंधन की चुप्पी बढ़ा रही ग्राहकों का दर्द, कैसे मिलेगा उनका लुटा पैसा?

Wed, 25 Dec 2024 11:00 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

इंडियन ओवरसीज बैंक में चोरी के बाद जिन ग्राहकों ने अपनी गाढ़ी कमाई और आभूषण खोए हैं। बैंक की तरफ से अब तक उसका मुआवजा देने का भरोसा नहीं दिया गया है।
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चोरी में अपना धन खोने के बाद पीड़ित लोग। - फोटो : amar ujala
चोरी गए गहनों पर इंडियन ओवरसीज बैंक प्रबंधन की चुप्पी लॉकर धारकों का दर्द बढ़ा रही है। घटना के तीन दिन बाद भी मंगलवार को ग्राहक अपने चोरी गए सामान की जानकारी लेने चिनहट के मटियारी स्थित बैंक पहुंचे। बताया कि मीडिया से ही आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने व माल बरामदगी की जानकारी मिली इसीलिए बैंक पहुंचकर जानकारी कर रहे हैं कि हमारा चोरी गया सामान कैसे मिलेगा? बैंक ने इस संबंध में न तो कोई सूचना दी और न ही कोई नोटिस चस्पा है।

ग्राहकों ने बताया कि यहां आकर प्रबंधन से जानकारी करने पर पता चला कि जिनके लॉकर से रकम या गहने चोरी हुए हैं, उनकी सूची कवरिंग लेटर के साथ मांगी जा रही है। ग्राहकों ने बताया कि पुलिस ने जो माल बरामद किया है, वह कोर्ट चला जाएगा। क्या सामान मिलेगा क्या नहीं? इस पर भी संशय है। लेकिन, बैंक की तरफ से सामान या मुआवजा पाने की क्या प्रक्रिया होगी। इस पर भी कुछ साफ नहीं किया गया है।

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- फोटो : अमर उजाला
वहीं, मंगलवार को दिन में बैंक के बाहर दो गार्डों का पहरा बिठा दिया गया। दबी जुबान में कुछ ग्राहकों का कहना है कि बेसमेंट में स्थित बैंक पीछे से असुरक्षित है लेकिन बैंक अपनी सुरक्षा फूलप्रूफ बता रहा है।
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जांच के बाद खाताधारकों को दिया गया प्रवेश - फोटो : अमर उजाला
चोरी के सामान का इतना मिलेगा मुआवजा
बैंक के लॉकर में जो सामान रखा था लूट के बाद उसकी क्या भरपाई होगी? इस संबंध में इंडियन ओवरसीज मटियारी शाखा प्रबंधक संदीप सिंह व क्षेत्रीय मैनेजर विकास वर्मा दोनों ने चुप्पी साध रखी है। 

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- फोटो : अमर उजाला
मामले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के मीडिया प्रभारी ने जरूर इस धुंधलके पर स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि ग्राहक लॉकर के अंदर क्या सामान रखता है, इसकी जानकारी सिर्फ ग्राहक को होती है। एक चाबी बैंक और एक चाबी ग्राहक के पास होती है। अब जिस लॉकर से सामान लूटा गया उस लॉकर के ग्राहक को सिर्फ उसके किराये का 100 गुना मुआवजा मिलेगा।
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मामले की एक पीड़िता... जिनके गहने चोरी हो गए - फोटो : अमर उजाला
स्पष्ट किया कि लॉकर के सामान का बीमा नहीं होता है, बल्कि बैंक लॉकर का बीमा करवाता है। इस हिसाब से बैंक को नुकसान नहीं होता बल्कि वह मुआवजा राशि बीमा कंपनी से लेती है।
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