प्रदेश भर में 15 साल पुराने हजारों वाहनों का कोई अतापता नहीं है। मालिकों ने इन वाहनों के पंजीकरण का दोबारा नवीनीकरण भी नहीं कराया है। परिवहन विभाग अब ऐसे वाहनों की खोजबीन शुरू की है। इसके लिए अफसरों की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो इन्हें सूचीबद्ध कर रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
परिवहन आयुक्त पी. गुरु प्रसाद ने बताया कि बड़े पैमाने पर ट्रक, बस, टेंपो, ऑटो, कार एवं मोटरसाइकिलें जिनका रजिस्ट्रेशन 15 साल पहले कराया गया था, लेकिन इन वाहनों के पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। ऐसे ट्रक एवं बस के मालिकों ने लंबे समय से टैक्स को नहीं चुकाया है। इससे परिवहन विभाग का करोड़ों रुपये का टैक्स फंस गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
अब ऐसे वाहनों की खोजबीन करके इन वाहनों के मालिकों को नोटिस भेज कर टैक्स की वसूली की जाएगी। इसके लिए जोनल डिप्टी कमिश्नर अरविंद कुमार पांडेय के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई है। कमेटी सभी आरटीओ से तालमेल करके वाहन एवं मालिक को सूचीबद्ध कर रही है।
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TAX SHIMLA
नवीनीकरण पर ग्रीन टैक्स
जो वाहन 15 साल पुराने हो गए हैं, उनके पंजीकरण का दोबारा नवीनीकरण करने पर वाहन के टैक्स पर 10 फीसदी ग्रीन टैक्स देने का प्रावधान है। जबकि कार के पंजीकरण का नवीनीकरण शुल्क 300 रुपये एवं बाइक का 15 रुपये है। यह नवीनीकरण सिर्फ पांच साल के लिए होता है।