बीते दस सालों में गायनकोलॉजिकल (महिलाओं के जननांगों में होने वाले) कैंसर के मामलों में दोगुना बढ़ोतरी हुई है। इनमें सबसे ज्यादा मामले सर्वाइकल कैंसर के बढ़े हैं। वहीं सर्विक्स के बाद ओवेरियन कैंसर (अंडाशय का कैंसर) और एंडोमीट्रियम/एंडोमीट्रियम (यूट्रस के सतह का कैंसर) के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। केजीएमयू व डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान की ओर से किए गए शोध में यह तथ्य सामने आए हैं।
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- फोटो : डेमो
किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के रेडियोथेरेपी विभाग और डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान के बायोकेमेस्ट्री विभाग की ओर से बीते एक दशक में राजधानी व उसके आसपास के इलाकों के मरीजों पर शोध किए गए। विशेषज्ञों द्वारा दिए गए एसपीएसएस (स्टेटिस्टिकल पैकेज फॉर सोशल साइंसेज) के आंकड़ों के मुताबिक, दस सालों में कैंसर के कुल 30,705 मामले पंजीकृत किए गए। इनमें 13,482 (करीब 44 प्रतिशत) संख्या महिलाओं की थी। इन कैंसर पीड़ित महिलाओं में 5717 (19 प्रतिशत मामले) महिलाओं के जननांग कैंसर के थे।
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डेमो
शोध में पाया गया कि गायनकोलॉजिकल कैंसर के मामलों की संख्या एक दशक में बढ़कर दोगुना हो गई है। सर्वाइकल, ओवेरियन व यूटेराइन कैंसर के अलावा महिलाओं में वैजाइना व वल्वा (योनि) के कैंसर के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि यह इन अंगों में कैंसर के मामले सर्विक्स, ओवरी व यूट्रस की सतह के कैंसर से कम हैं।
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यह लक्षण हों तो हो जाएं सावधान, हो सकता है गायनकोलॉजिकल कैंसर- (डॉ. रेखा सचान)
- योनि से असामान्य रक्तश्राव होना।
- शारीरिक संबंध बनाते समय असहनीय दर्द होना।
- योनि से बदबूदार पानी आना।
- पेड़ू पे दर्द रहना या सूजन होना।
- पेशाब करते समय दर्द महसूस होना या साथ में खून आना।
- अचानक वजन कम होना, भूख न लगना।
- कब्ज की शिकायत रहना।
- योनि में खुजली, जलन, जख्म या सूजन होना।
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इन कारणों से बढ़ती है संभावना
- अधिक धूम्रपान करने से।
- असुरक्षित यौन संबंध बनाने से।
- एक से अधिक लोगों के साथ यौन संबंध रखने से।
- अधिक समय तक गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल से।
- कम उम्र में यौन संबंध बनाने से।
- सामान्य से अधिक कई बार गर्भधारण से।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से।
- जननांगों की साफ-सफाई न रखने से।
- परिवार में पहले से किसी को समस्या होने पर।
- लंबे समय तक इंफर्टिलिटी का इलाज कराने वाली महिलाओं में भी संभावना अधिक होती है। (डॉ रेखा सचान)
ऐसे करें बचाव
- एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं
- यौन संबंध हों तो समय-समय पर एचपीवी जांच जरूर करवाएं।
- पैप स्मीयर टेस्ट कराएं।
- लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियां न लें।
- सुरक्षित यौन संबंध बनाएं, मल्टिपल सेक्स पार्टनर न रखें।
- अगर परिवार में किसी को हो तो यह जानकारी डॉक्टर से जरूर साझा करें।
- स्मोकिंग से बचें, इससे जननांगों के कैंसर की संभावना दोगुनी हो जाती है।
- जननांगों की सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए फलों और सब्जियों का सेवन करें।
- कम उम्र में यौन संबंध न बनाएं।
- अगर कोई भी लक्षण नजर आए तो बिना देरी डॉक्टरी सलाह लें। (डॉ. सुजाता देव- स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ)