बसपा से अलग होने का ऐलान कर जैसे ही स्वामी प्रसाद मौर्य बाहर निकले उन्हें सपा नेता व कैबिनेट मंत्री आजम खां अपने साथ ले गए।
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स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा विधानमंडल कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी से अलग होने की घोषणा की। उन्होंने मायावती पर टिकटों के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया।
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हालांकि, कहा यह भी जा रहा है कि स्वामी के सपा नेताओं से बहुत करीबी संबंध रहें हैं। सपा से कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने स्वामी को पुराना समाजवादी बताया है।
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बुधवार को जब आजम खां, स्वामी को साथ ले जाने के लिए आए तो उनके साथ कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव भी थे।
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कयास लगाए जा रहे हैं कि बसपा छोड़ने के बाद स्वामी सपा की तरफ से कैबिनेट मंत्री भी हो सकते हैं।
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हालांकि, स्वामी ने सपा में जाने पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, फिर भी अब इसमें कोई संदेह नहीं हैं।
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स्वामी ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने 2012 में विधानसभा चुनाव में व 2014 के लोकसभा चुनाव में पैसा लेकर टिकट दिए। उन्होंने कहा कि यहां टिकट बेचे ही नहीं जाते बल्कि टिकटों की बोली लगती है।
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उन्होंने कहा कि बसपा सुप्रीमो ने अंबेडकर व कांशीराम के सिद्घांतों की तिलांजलि दे दी है।
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सपा नेता शिवपाल यादव व आजम खां के साथ स्वामी प्रसाद मौर्य।
वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने स्वामी पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया है। कहा कि वह 2012 की तरह ही 2017 के विधानसभा चुनाव में भी अपने बेटे व बेटी के लिए टिकट मांग रहे थे।