ठाकुरगंज के रस्तोगीनगर में सोमवार भरी दोपहरी स्कूल से घर लौट रहे कक्षा चार के छात्र चित्रांश पांडे का बाइक सवार दो बदमाशों ने अपहरण कर लिया। बदमाश उसे लेकर दुबग्गा पहुंचे और सिल्वर कलर की इंडिका कार में बैठा दिया। यहां से छात्र को सुनसान स्थान पर बने एक खाली मकान में ले जाया गया। बदमाशों ने छात्र के पिता को सभासद का चुनाव न लड़ने की चेतावनी दी। बात न मानने पर बोले, अगली बार उठाएंगे तो गोली मार देंगे।
बदमाशों की धमकियों से सहमे चित्रांश को करीब ढाई घंटे बाद छोड़ दिया गया। उधर, अपहरण की सूचना से हड़कंप मच गया। पुलिस और परिवारीजन चित्रांश की खोजबीन में जुट गए। शाम करीब पौने पांच बजे वह हरदोई रोड पर अकेले घर की तरफ जाता दिखा तब परिवारीजनों और पुलिस की जान में जान आई। एसएसपी मंजिल सैनी ने छात्र के घर जाकर उससे बातचीत की है। दुस्साहसिक वारदात दोपहर करीब सवा दो बजे की है।
एसएसपी ने बताया कि उसके पिता सुशील पांडेय मूल रूप हरदोई के संडीला निवासी हैं और 25 साल से यहीं रह रहे हैं। वह चौक में अपूर्वा सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से शेयर का काम करने वाली फर्म में अकाउंटेंट हैं। घर पर चित्रांश के अलावा पत्नी आरती व कक्षा छह में पढ़ने वाली बेटी आद्या है। चित्रांश काकोरी के दशहरी स्थित सेंट क्लेयर स्कूल में कक्षा चार का छात्र है।
विज्ञापन
2 of 5
सोमवार दोपहर स्कूल वैन उसे घर की गली में छोड़कर चली गई। चित्रांश पैदल ही घर जा रहा था कि घात लगाए बैठे दो बदमाशों ने उसे दबोच लिया। वह चीखा लेकिन बदमाश उसका मुंह दबाकर बालागंज की तरफ भाग गए। मुहल्ले के कुछ लोगों ने चित्रांश को बाइक से उठाकर ले जाते देखा तो परिवारीजनों को सूचना दी।
पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और नाकाबंदी कर चेकिंग शुरू कराई। हालांकि, चित्रांश का कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो एक बाइक में उसे लेकर भागते बदमाशों की फुटेज मिल गई। पुलिस छानबीन कर ही रही थी कि पौने पांच बजे हरदोई रोड पर चित्रांश नजर आ गया। परिवारीजन और पुलिस उसे लेकर घर पहुंचे।
लखनऊ पश्चिम सीट से भाजपा विधायक सुरेश श्रीवास्तव भी मौके पर आ गए। चित्रांश डरा व घबराया था। उसने बताया कि दो बदमाश बाइक से कार में ले गए लेकिन उसे मारा-पीटा न ही गाली-गलौज की। वह सिर्फ पिता को सभासद का चुनाव न लड़ने की चेतावनी दे रहे थे। सुशील ने बाइक व कार सवार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
विज्ञापन
3 of 5
किडनैपिंग
शोर मत मचाओ, मारेंगे नहीं, सो जाओ...
चित्रांश ने बताया कि बदमाशों ने उसे पकड़कर बाइक पर बैठाया तो वह चीखने लगा। उसने पास से गुजर रहे एक व्यक्ति को अंकल बचाओ-अंकल बचाओ कहते हुए मदद मांगी। हालांकि, तब तब बदमाश तेजी से गली से निकल चुके थे। बदमाश उसे इंडिका कार में ले गए, जिसमें पहले से तीन लोग मौजूद थे। बाइक सवार बदमाशों में से एक कार में बैठ गया। करीब दस मिनट तक कार चलती रही। इस दौरान चित्रांश ने शोर मचाने की कोशिश की तो बदमाशों ने उसे धमकाया। एक बदमाश ने कहा कि शोर मत मचाओ। तुम्हें मारेंगे नहीं। चुपचाप सो जाओ। हालांकि, दहशतजदा चित्रांश को ऐसे वक्त नींद कहां आती। वह कार में ही दुबकर बैठा रहा। कार एक सुनसान इलाके में बने खाली मकान में जाकर रुक गई। बदमाश उसे कमरे में ले गए। भीतर सिर्फ एक बेड पड़ा था। वहां बैठकर सभी बदमाश आपस में बातें करते रहे। उसे खाने-पीने के लिए पूछा। करीब डेढ़ घंटे तक चित्रांश कमरे में रहा। इसके बाद बदमाशों ने उससे कहा कि तुम्हारे पिता सभासद का चुनाव लड़ रहे हैं। उनसे मना कर देना। अगर नहीं माने तो दोबारा तुमको उठाएंगे और गोली मार देंगे।
4 of 5
घर जाने के लिए 30 रुपये देकर आटो में बैठाया
चित्रांश का कहना है कि बदमाशों ने उससे घर के रास्ते के बारे में पूछा। चित्रांश ने कहा कि वह रास्ता जानता है तो बदमाशों ने उसे किराये के रूप में 10-10 रुपये के तीन नोट दिए। बदमाशों ने कहा कि कुछ दूर पर अस्पताल है, वहां से अपने घर पर फोन कर देना। इसके बाद वह उसे मकान से बाहर लाए और एक ऑटो में बैठा दिया। एक बदमाश ने ऑटो चालक को दस रुपये और दिए। ऑटो ने उसे घर के पास ही हरदोई रोड पर छोड़ दिया। वहां से चित्रांश पैदल ही घर जा रहा था तभी पुलिस और परिवारीजन आ गए।
खंगाले जा रहे मोबाइल टॉवर व सीसीटीवी फुटेज
एसएसपी ने बताया कि बाइक सवार बदमाशों की सीसीटीवी फुटेज मिली है। उनकी बाइक बजाज की प्लेटिना बताई जा रही है। फुटेज से बाइक का नंबर निकलवाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा जिस वक्त बाइक दिखी है, मोबाइल टॉवर से उसके आसपास के कुछ मिनट के दौरान हुई कॉल का ब्यौरा निकलवाया जा रहा है। चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की भी पड़ताल कराई जा रही है।
होली में पोस्टर लगवाने पर नजर में आया परिवार
सुशील पांडे ने बताया कि वह कई साल से भाजपा से जुड़े हैं और इस बार बालागंज के वार्ड 25 से सभासद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। होली में उन्होंने इलाके में शुभकामनाओं के पोस्टर लगवाए थे। इसके बाद वह और उनका परिवार लोगों की नजर में आ गया। वार्ड के कई अन्य लोग भी चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। हो सकता है कि चुनाव में उन्हें खतरा समझकर ही धमकी दी गई हो। हालांकि, चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लगभग सभी प्रत्याशी चित्रांश के अपहरण की जानकारी पाकर उनके घर आए और सांत्वना दी। उधर, पार्षद प्रत्याशियों का कहना है कि चुनाव में अभी लंबा समय है। अपहरण के पीछे यह वजह नहीं हो सकती। मामला कुछ और है और उसे नगर निगम के चुनाव से जोड़ा जा रहा है।
अच्छी तरह से याद है एक बदमाश का चेहरा
चित्रांश ने बताया कि बाइक सवार बदमाशों का चेहरा वह नहीं देख सका लेकिन कमरे में उसने सभी बदमाशों को देखा। एक बदमाश का चेहरा उसे अच्छी तरह से याद हो गया है। वह उसे देखते ही पहचान लेगा। एसएसपी का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो संदिग्ध बदमाश का स्केच बनवाया जाएगा।
एकलौते बेटे को सुरक्षित देख छलक पड़ीं आंखें
चित्रांश के घर लौटते ही परिवारीजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। पिता ने बेटे को कलेजे से चिपटा लिया। उनकी व पत्नी आरती की आंखें छलक पड़ीं। मां बार-बार बेटे का माथा चूमकर मां दुर्गा का धन्यवाद अदा कर रही थीं। मुहल्ले के लोग भी एकत्र हो गए। परिवार की खुशियां देखकर लोगों की आंखों में भी आंसू आ गए। (चित्रांश व उसके घर वालों से मिलतीं मंजिल सैनी)