लाल बहादुर शास्त्री
इसी तरह जब वह प्रदेश के गृहमंत्री थे तब उन्होंने एक दिन पुलिस अधिकारियों को बुलाया और उनसे कहा, ‘अब अंग्रेजों का शासन नहीं है। अपने ही लोगों पर लाठी चलाकर हम कैसे यह कह सकते हैं कि हम आजाद हैं।’ पुलिस अधिकारियों ने तर्क दिया, ‘कभी-कभी प्रदर्शन और आंदोलन को लेकर लोग उग्र हो जाते हैं।