अटल विहारी वाजपेयी की शैली गजब की थी। वह कब कैसे वोट मांग लेंगे, इसका अंदाज लगाना काफी मुश्किल होता था। बात उस समय की है जब अटल जी लखनऊ से सांसद नहीं चुने गए थे।
विज्ञापन
2 of 5
अटल बिहारी वाजपेयी
पर उस समय लखनऊ का कोई चुनाव ऐसा नहीं होता था जिसमें अटल जी न आते हों। अटल के निकट सहयोगी और चौक की पार्षदी से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले लालजी टंडन बताते हैं, 'वाजपेयी जी लखनऊ आए।
विज्ञापन
3 of 5
अटल बिहारी वाजपेयी
लखनऊ में उनकी कुछ जगह सभाएं हुई। चौक से उसकी शुरुआत हुई। अटल जी बोलने खड़े हुए तो बस तालियां ही तालियां थी। अटल ने कहा, 'आपने प्रदेश की सरकार बनाने का अधिकार कांग्रेस को दे दिया। कम से अब झाड़ू लगाने का अधिकार तो हमे दे दो।
4 of 5
अटल बिहारी बाजपेयी
- फोटो : डेमो
टंडन जी बताते हैं कि अटल जी की इस बात का लोगों में ऐसा जादू हुआ कि उस चुनाव में जनसंघ के उम्मीदवारों को कई जगह जीत मिली। सिर्फ लखनऊ में ही नहीं बल्कि प्रदेश में कई जगह जनसंघ की जीत हो गई।
इसी तरह वह एक बार लखनऊ में प्रचार करने आए तो भाषण शुरू करने से पहले बोले, 'मैं यहां मंच पर आ रहा था तो पता चला कि प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने खाकी नेकर जलवा देने की बात कही है। मुझे पहले पता होता तो मैं खाकी नेकर ही पहनकर यहां आता। इसके बाद तो बस तालियां ही तालियां थी।