फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नखलऊवा पंच: इस बड़े शायर ने कुत्ते का नाम नेल्सन रख अंग्रेजों से लिया अपमान का बदला

Tue, 19 Feb 2019 04:42 PM IST
ishwar ashish अखिलेश वाजपेयी, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
अली सरदार जाफरी
बात 1937 की है। बड़े साहित्यकार और शायर अली सरदार जाफरी, असरारुल हक ‘मजाज’ और सिब्ते हसन लखनऊ में रहा करते थे। अंग्रेजों के मुंह से टीपू सुल्तान के लिए निकलने वाली अपमानजनक टिप्पणियां इन तीनों को अपना अपमान लगती थीं। अंग्रेज टीपू सुल्तान से सख्त नफरत करते थे।
विज्ञापन

2 of 5
अली सरदार जाफ़री
टीपू सुल्तान से अपनी नफरत का इजहार करने के लिए ज्यादातर अंग्रेजों ने कुत्तों का नाम टीपू रखना शुरू कर दिया। उनकी देखा-देखी हिंदुस्तानी भी बगैर सोचे-समझे अपने कुत्ते का नाम टीपू रख देते थे।
विज्ञापन

3 of 5
शायर मजाज - फोटो : डेमो
अली सरदार जाफरी ने लखनऊ की पांच रातें किताब में लिखा है, ‘मजाज ने फौरन कहा, ‘हम लोगों को एक कुत्ता पालना चाहिए और उसका नाम नेल्सन रख देना चाहिए ताकि अंग्रेजों को भी पता चले।’ 

4 of 5
शायर मजाज - फोटो : डेमो
इसी बीच सिब्ते हसन अचानक उठे और कहीं चले गए। चंद घंटों के बाद वापस आए तो उनकी गोद में एक निहायत खूबसूरत सफेद पिल्ला था। हम लोगों ने फौरन उसका नाम नेल्सन रख दिया, जिससे हम अपने आसपास रहने वाले अंग्रेजों से टीपू सुल्तान की तौहीन का बदला ले सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अली सरदार जाफरी - फोटो : डेमो
नेल्सन बड़ा खूबसूरत था। हम लोग शाम को उसे लेकर टहलने निकलते और जहां भी अंग्रेजों को हम लोग देखते तो कुत्ते को ‘नेल्सन’ कहकर पुकारते। इससे हम लोगों को काफी संतोष मिलता।’ 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें