पूर्व हॉकी खिलाड़ी मालती मिश्रा
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मोहताजी का रोना रोती या फिर आगे बढ़ती। मैंने बेटे के लिए अपने पैरों पर खड़ा होने का फैसला किया। हाईस्कूल तक पढ़ी। बीबीडी अकादमी में नौकरी भी मिली। पर, यह नौकरी कुछ सालों में ही छूट गई। तो लोन लेकर ई-रिक्शा खरीद लिया। बेटे को पढ़ाकर हॉकी का बड़ा खिलाड़ी बनाना है। बेटा नेशनल कॉलेज में पढ़ाई करने के साथ स्कूल स्तर के श्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ियों में शामिल हो चुका है। उम्मीद है हम कामयाब होंगे।