आईपीएस अनिल अग्रवाल ने 16 साल पहले ही यह अंदाजा लगा लिया था कि आने वाले समय में राजधानी की यातायात व्यवस्था का क्या स्वरूप होगा। 20 जुलाई 2002 को जब उन्होंने राजधानी के एसएसपी की कुर्सी संभाली तो सबसे पहला काम यातायात व्यवस्था को सुचारु और सुगम बनाने के लिए किया।