राज खुशीराम
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तीन साल तक डैनियल ने घर में रहकर सीखा पखावज
नगर के चर्चित पखावज वादक पं. राज खुशीराम के घर फ्रांस के डेनियल डेंजस ने तीन साल से अधिक समय तक रहकर पखावज वादन सीखा। पं. राज खुशीराम ने बताया कि बात 12-15 साल पुरानी है। वे बनारस में ध्रुपद मेले में जाया करते थे, जहां डेनियल संस्कृत में शोध कर रही अपनी मां के साथ रहते थे। एक दिन वो मेरे पास आये और कहा कि पखावज वादन सीखना है। मैंने कहा कि पखावज वादन के लिए लखनऊ में आकर सीखना होगा, तो वो लोग घर आ गए। मैंने उसे गंडा बांधा, शिष्य बनाया वो उसके बाद लगातार तीन साल तक मेरे साथ ही रहकर वादन सीखता रहा, कई बड़े अवसरों पर मेरे साथ मंच साझा किया। फ्रांस की सरकार ने उसे स्कॉलरशिप भी दी। फुर्सत मिलने पर हम साथ खूब लखनऊ घूमते, जायके चखते, वो पूरा शाकाहारी भोजन की करता। फ्रांस वापसी से पहले तक उसे साफ भोजपुरी, बनारसी बोली, हिंदी बोलना आ चुकी थी। मुझे कई बार फ्रांस भ्रमण के लिए बुलाया, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से नहीं जा सका।