गदर के निशान देखने हों तो रेजीडेंसी से ज्यादा मकबूल जगह और कहीं नहीं मिलेगी। उस दौर में आजादी के मतवालों ने अंग्रेज अधिकारियों के गढ़ रेजीडेंसी में पूरे 86 दिन तक कब्जा जमाए रखा। इस दौरान कई छोटे-बड़े अंग्रेज सैनिक और अधिकारी आजादी के मतवालों के हाथों मारे गए। संघर्ष में कई हिंदुस्तानी सैनिक भी शहीद हुए। अतीत की कई कहानियां समेटे रेजीडेंसी आज भी शहर आने वाले पर्यटकों को अपने मोहपाश में जकड़ लेती है।