हम दिग्भ्रमित नहीं
नेशनल पीजी कॉलेज के स्टूडेंट प्रणय उत्कर्ष और उनके दोस्त कहते हैं कि लोकतंत्र की यही खूबसूरती है कि यहां अपनी बात रखने की आजादी है। कई बार ऐसा होता है कि चंद लोग अपने फायदे के लिए युवाओं का इस्तेमाल करते हैं, जो इस्तेमाल होते हैं उनकी संख्या कम है। हम युवा दिग्भ्रमित नहीं हैं। हमारा घर, समाज, देश हमारी प्राथमिकता है। सबसे बढ़कर है पढ़ाई, क्योंकि पढ़-लिख कर ही हम खुद को देश के काम आने लायक बना सकेंगे। (प्रणय मिश्रा, उत्कर्ष, साक्षी, सेजल, अनस, शांतनु, शुभम, हर्षित, सचिन)