कभी हवा में उछालते थे, कभी करतब दिखाते थे। मेरी एक मुस्कान के लिए कभी हाथी कभी घोड़ा बन जाते थे। सो सकूं मैं पूरी रात चैन के साथ, इसलिए वे पूरी रात एक करवट में गुजारते थे...। यह अल्फाज सिर्फ मेरे या आपके नहीं, किसी लड़के या लड़की के नहीं बल्कि हर बेटे और बेटी के हैं, जिनके पास हैं पापा। या फिर उनके भी जिनके पिता इस दुनिया में तो नहीं, पर यादें, उनकी सीख उनका दिया बेफिक्र बचपन और बेलौस जवानी और सबसे बढ़कर एक ऐसी पहचान जिसने हमें सिर उठाकर दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लायक बनाया।
एक पिता की अहमियत उसकी परवरिश और उसकी दी जिंदगी को शब्दों में बांधना असंभव है। आज मौका भी है और दस्तूर भी कि हम उन्हें थैंक्स कहकर अपने जज्बात का इजहार कर सकें। एक बच्चे के जीवन में पिता का स्थान क्या है? यह बता रहे हैं कुछ ऐसे ही बेटे-बेटियां। हमारे साथ फादर्स डे का हिस्सा बनिए...।