फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊः पूड़ी विक्रेता की हत्या मामले का हुआ खुलासा, तस्कर और दो शूटर गिरफ्तार

Sat, 12 Oct 2019 04:48 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 7
दीपक हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने बरामद किया सामान - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में कैंट थाना के सामने पूड़ी विक्रेता दीपक वर्मा उर्फ दीपू (38) की गोली मारकर हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने सदर के वाल्मीकि मोहाल निवासी दिलीप कुमार वैश्य उर्फ डबलू और दो शूटर को गिरफ्तार कर लिया। मालूम हो कैंट में शनिवार शाम थाने के सामने बाइक सवार बदमाश ने पूड़ी बेचने वाले 38 वर्षीय दीपक वर्मा उर्फ दीपू की गोली मारकर हत्या कर दी। उसका सुबह बाइक सवार से रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। बदला लेने के लिए बाइक सवार दोपहर को साथियों को लेकर आया और धमकियां दीं। शाम को बदमाश ने स्कूटी से जा रहे दीपक को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोलीबारी में दीपक की मौत हो गई थी। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि दिलीप गांजे का काम करता है और दीपू उसके धंधे में हाथ डाल रहा था। उसने दिलीप से 20 हजार रुपये महीना देने अथवा गांजे के धंधे में साझेदार बनाने का दबाव डाला। इसके बाद हत्या की साजिश रची गई। दिलीप ने गोंडा के मनकापुर स्थित करौंहा गांव निवासी राजीव रंजन श्रीवास्तव उर्फ सक्षम उर्फ राजा और बरौना गांव के आदर्श कुमार उर्फ आकाश श्रीवास्तव को 50 हजार रुपये में दीपू की सुपारी दी थी। तीनों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल बाइक व पिस्टल के अलावा सुपारी के 50 हजार नकद बरामद किए गए हैं।
विज्ञापन

2 of 7
एसएसपी कलानिधि नैथानी - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि दिलीप टैंपो चलवाने के साथ ही गांजे का धंधा करता था। राजीव रंजन व आदर्श कुमार विभवखंड इलाके में किराये के मकान में रहकर प्रॉपर्टी का काम करते थे। राजीव रंजन गोंडा के मनकापुर स्थित गुरु वशिष्ठ महाविद्यालय से बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र था जबकि आदर्श कुमार वहीं के एपी इंटर कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई कर रहा था। दोनों ने चार दिन तक दीपू की रेकी की। राजीव रंजन पीछे बैठा था और दीपू को गोली उसने ही मारी थी।
विज्ञापन

3 of 7
पूड़ी विक्रेता की हत्या - फोटो : अमर उजाला
पिस्टल लौटाने पर मिली थी सुपारी की रकम
दिलीप उर्फ डबलू ने शूटरों को पिस्टल लौटाने पर सुपारी की रकम देने की बात कही थी। वारदात के बाद दोनों शूटर शहर से लापता हो गए थे। दिलीप ने बीते दिनों उन्हें फोन कर मामला ठंडा होने और पिस्टल लौटाने की बात कही। शुक्रवार दोपहर दोनों दिलीप से मिलने जा रहे थे तभी पुलिस ने कैंट फ्लाईओवर के पास स्थित एसएन पेट्रोलपंप के सामने से उन्हें पिस्टल समेत दबोच लिया। दोनों हत्या में इस्तेमाल की गई लाल रंग की हांडा स्ट्रीम बाइक पर ही सवार थे। उनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने दिलीप को पकड़कर सुपारी की रकम के 50 हजार रुपये बरामद किए।

 

4 of 7
पूडी विक्रेता की हत्या - फोटो : अमर उजाला
दिलीप के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल में मिले शूटरों के नंबर
पुलिस ने दिलीप के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली तो शूटर राजीव रंजन और आदर्श कुमार के नंबर मिल गए। वारदात से तीन-चार दिन पहले उनकी लोकेशन कैंट इलाके में ही पाई गई। जिस वक्त वारदात हुई, उस वक्त भी शूटरों के मोबाइल की लोकेशन कैंट थाना के आसपास मिली।
विज्ञापन

5 of 7
पूड़ी विक्रेता की हत्या - फोटो : अमर उजाला
150 फुटेज खंगालने पर मिला बाइक का सुराग
सीओ कैंट संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दीपू की हत्या में इस्तेमाल लाल रंग की बाइक शूटर आकाश के भाई रवि की थी। पूछताछ में आकाश ने बताया कि रवि को दहेज में बाइक मिली थी। वारदात की फुटेज में लाल रंग की बाइक की धुंधली तस्वीर नजर आ रही थी। पुलिस ने बाइक का पता लगाने के लिए 150 सीसीटीवी कैमरों की तीन-चार दिन की फुटेज निकलवाईं।

 
विज्ञापन

6 of 7
पूड़ी विक्रेता की हत्या - फोटो : अमर उजाला
छह साल पहले उन्नाव से खरीदी थी पिस्टल
इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गांजा तस्कर दिलीप ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल पिस्टल उसने करीब छह साल पहले उन्नाव से खरीदी थी। पूछताछ में दिलीप ने बताया कि इलाके के छोटे-मोटे बदमाशों से निपटने और गांजे की सप्लाई के दौरान कोई दिक्कत न आए, इसके लिए ही असलहा लिया था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
पूड़ी विक्रेता की हत्या - फोटो : अमर उजाला
शूटरों को दिया था 15 हजार वेतन की नौकरी का वादा
दिलीप कुमार वैश्य ने शूटरों को 15 हजार रुपये हर महीने वेतन की नौकरी का वादा किया था। उसने बताया कि वह गांजे की तस्करी के साथ ही टैंपो चलवाता था। इस काम में उसे विश्वसनीय और तेज-तर्रार लड़कों की जरूरत पड़ती है। राजीव रंजन और आदर्श कुमार को उसने अपने इन्हीं धंधों से जोड़ने के बारे में सोच रखा था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें