फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्मृति को बताया 'टीवी की महारानी' तो वीसी की लगी क्लास

Mon, 11 Jan 2016 12:08 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 6
बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने पहुंचीं मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने कुलपति प्रो. आरसी सोबती की ही क्लास लगा दी।
विज्ञापन

स्मृति को बताया 'टीवी की महारानी' तो वीसी की लगी क्लास

2 of 6
अपने भाषण में स्मृति ने कुलपति की हर बात पर खिंचाई की। प्रो. सोबती के भाषण के बाद अपने उद्बोधन में स्मृति ने कहा कि प्रो. सोबती के मुंह से सुनीं बातें अक्सर राजनीतिक मंच से सुनाई देती हैं। स्मृति ने यह तक कहा कि प्रो. सोबती की बातों और भाषण से ऐसा अहसास हो रहा था कि यह वीसी कम और नेता ज्यादा हैं।
विज्ञापन

स्मृति को बताया 'टीवी की महारानी' तो वीसी की लगी क्लास

3 of 6
बिना कागज नहीं होता काम
अपने भाषण में प्रो. सोबती ने विवि के 42 शिक्षकों व 12 मालियों को रेग्युलराइज करने की मांग भी रखी। इस पर स्मृति ने कहा कि उनको गृहमंत्री राजनाथ सिंह से शिक्षकों के रेग्युलराइज होने संबंधित मामले की जानकारी मिल चुकी है। लेकिन उनके हाथ तब तक बंधे हैं जब तक विवि की ओर से कोई कागज एमएचआरडी को नहीं भेजा जाता।

स्मृति को बताया 'टीवी की महारानी' तो वीसी की लगी क्लास

4 of 6
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक तौर पर पीपीटी दिखाकर मंत्री से मांग करना अच्छा लगता है, लेकिन सच यह है कि यहां से जब तक कागज नहीं जाएगा, वहां से समाधान नहीं होगा। एक तरह से स्मृति ने खुले मंच से यह जता दिया कि कुलपति 42 शिक्षकों को रेग्युलराइज करने का सिर्फ दिखावा भर कर रहे हैं, लेकिन उसके लिए आवश्यक कार्रवाई नहीं हो रही।
विज्ञापन

स्मृति को बताया 'टीवी की महारानी' तो वीसी की लगी क्लास

5 of 6
250 करोड़ बजट की मांग पर स्मृति ईरानी ने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रो. सोबती ने अपने भाषण में पहले यह कहा कि विवि के पास इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी नहीं केवल 13 विभाग खोलने की अनुमति दे दी जाए। लेकिन बाद में उन्होंने विकास कार्यों का हवाला देते हुए 250 करोड़ रुपये मांगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्मृति को बताया 'टीवी की महारानी' तो वीसी की लगी क्लास

6 of 6
इसलिए वह समझ नहीं पा रहीं कि विवि के पास इंफ्रास्ट्रक्चर है या नहीं। स्मृति ने कहा कि नए विभाग की अनुमति देना यूजीसी का अधिकार क्षेत्र है। हां यदि यह मामला एमएचआरडी के पास आएगा तो संविधान की मर्यादा में रहकर मदद की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें