फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां के चले जाने से गुमसुम हुआ नन्हा 'आदित्य', अब है इस हाल में, तस्वीरें

Wed, 27 Jun 2018 08:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 6
मां मुन्नी के साथ नन्हा हिप्पो आदित्य (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
अचानक से मां कहा खो गई...। मादा हिप्पो मुन्नी का शावक आदित्य कह कुछ नहीं सकता, लेकिन उसकी खामोशी उसके दर्द को बयां कर रही है। सोमवार की सुबह मुन्नी की मौत के बाद शाम तक उसको दफना दिया गया था
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
बाड़े में पड़ा खाना - फोटो : amar ujala
शाम को आदित्य ने कुछ नहीं खाया। उसका वजन 5 क्विंटल है और दिनभर में 20-25 किलो की खुराक लेता है। सदमे में गए आदित्य की जू स्टाफ लगातार निगरानी करता रहा। रात 12 बजे के करीब उसने थोड़ा सा खाया, उपनिदेशक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि किसी भी शिशु के  लिएये पल भावात्मक होते हैं। अचानक उसकी मां उसकी नजरों के सामने से ओझल हो गई। मुन्नी को बाहर निकालते वक्त भी उसका व्यवहार बदला हुआ था। वह बार-बार स्टाफ को दौड़ा रहा था। उसकी निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन

3 of 6
मु्न्नी (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
जिंदगी तो चलती रहेगी...
जू प्रशासन खंगाल रहा ‘बादल’ और ‘अंशू’ की जन्मकुंडली
जू में तीन नर केअलावा एक मादा अंशू हिप्पो ही बची हुई है। लगभग 22 वर्षीय अंशू फिलहाल धीरज नर केसाथ रह रही है। धीरज की उम्र अधिक होने के कारण दोनों से खुशखबरी मिलने की उम्मीद न के बराबर है। अब मुन्नी के जाने के बाद जू प्रशासन बचे हुए नर दरियाई घोड़ों की कुंडली खंगाल रहा है कि कौन उम्र, कद काठी के लिहाज से किसके साथ घर बसा सकता है। लेकिन इन सबके पहले जू प्रशासन ये भी चेक कर रहे हैं कि कहीं सब एक ही घर के या एक ही माता-पिता के वंशज तो नहीं हैं।

4 of 6
खाली पड़ा मादा हिप्पो का बाड़ा - फोटो : अमर उजाला
34 लोगों ने 4 घंटे में किया 'मुन्नी' का पोस्टमार्टम
नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में मंगलवार को एक तरफ मायूसी थी, दूसरी ओर दिवंगत मादा हिप्पो मुन्नी को तालाब से बाहर लाने में जू की टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं 30 से अधिक लोगों की टीम खास उपकरणों के साथ चार घंटे तक जुटी रही, तब जाकर पूरा हो सका मुन्नी का पोस्टमार्टम। मुन्नी का वजन 20 क्विटंल होने के कारण उसे पानी से बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था।
विज्ञापन

5 of 6
ले जाने के लिए मंगाई गई स्पेशल ट्रॉली - फोटो : amar ujala
एक घंटे में निकाला जा सका तालाब से
सोमवार को दोपहर से शाम तक 28 कीपर-सपोर्टिंग स्टाफ के साथ छह चिकित्सकों का दल एक घंटे में उसे बाहर निकाल सका। सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से मुन्नी की मौत हो गई। उसका आधा शरीर पानी से बाहर और आधा अंदर था। पहले तालाब का पांच से आठ हजार लीटर पानी खाली कराया गया। उसके बाद कीपरों ने उसे रस्से और गोल पाइप के सहारे तीन फीट गहरे तालाब से खींचा। इसके बाद वजनी जानवरों को घसीटने के लिए इस्तेमाल होने वाली खास ट्रॉली से उसे सरका कर बाड़े के दूसरे हिस्से में लाया गया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
मुन्नी (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
ये थी मुन्नी की एक दिन की खुराक
30 किलो हरा पत्ता
25 किलो गाजर-खीरा
5 किलो चाकर
2 किलो आलू
500 ग्राम गुड़
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें