भारतीय नौसेना के जवान किसी से कम नहीं है। नौसेना के मरीन कमांडर मार्कोस ने लखनऊ में रिवर फ्रंट पर इसकी छोटी सी तस्वीर पेश की। हेलीकॉप्टर से आए मरीन कमांडर रस्सी की सहायता से बोट पर उतरे। पलक झपकते ही वे नदी से निकलकर किनारे आ गए। इसके बाद शुरू हुआ दुश्मन के घर में घुसकर बंदी को छुड़ाने का अभियान।
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डिफेंस एक्सपो
- फोटो : अमर उजाला
पलक झपकते ही कमांडरों ने दुश्मनों को चित करते हुए बंदी को रिहा करा लिया। कैदी को चारों तरफ घेरकर पहले बोट और फिर हेलीकॉप्टर पर चढ़कर सभी कमांडो पलक झपकते ही आंखों से ओझल हो गए।
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गोमती रिवर फ्रंट पर शुक्रवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के प्रदर्शन की शुरुआत गोमती में वाटर स्कूटर की कलाबाजियों के साथ हुई। पानी पर रफ्तार भरते और चक्कर काटते स्कूटर देखकर लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।
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इसके बाद बारी थी रेस्क्यू ऑपरेशन की। पिछले 40 साल से सेना के साथ जुड़े चेतक हेलीकॉप्टर के माध्यम से इसे अंजाम दिया गया। गोमती नदी से महज 25 से 30 फीट की ऊंचाई पर आकर ठहरे इन हेलीकॉप्टर ने सभी को रोमांचित कर दिया।
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सभी ने तालियों से जवानों का उत्साह बढ़ाया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मेयर संयुक्ता भाटिया के साथ ही शासन-प्रशासन के अधिकारी और सैन्यकर्मी अपने परिवार के साथ इस अभियान के साक्षी बने।
एनसीसी कैडेट ने लिए टिप्स
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद एनसीसी कैडेट प्रदर्शन करने वाले जवानों से मिलकर उनसे टिप्स लेने को उत्साहित दिखे। गोरखा रेजीमेंट के जवान और उनकी खुखरी भी लोगों के बीच रोमांच का विषय रहा। लोग एक बार इस खुखरी को हाथ में लेकर देखना चाहते थे। कैडेट ने सेना में जाने को तैयारियों के बारे में पूछताछ की।