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बेटे की मौत पर टूट गए थे रणजीत बच्चन, पहना भगवा, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है नाम

Sat, 08 Feb 2020 10:55 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
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रणजीत बच्चन। - फोटो : अमर उजाला
बीते दिनों लखनऊ में रणजीत बच्चन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में उनकी पत्नी ही मुख्य आरोपी निकली, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रणजीत की जिंदगी में सबसे बड़ा बदलाव उनकी पत्नी कालिंदी से पैदा हुए तीन साल के बेटे की मौत के बाद आया था। इस घटना के बाद से ही उनका झुकाव आध्यात्म की तरफ गया और वह भगवा वस्त्र पहने शुरू कर दिए।
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रणजीत बच्चन का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
रणजीत बच्चन 1996 से सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में काफी सक्रिय रहे। रणजीत बच्चन ने समाज के लिए बहुत ऐसे काम किए जिससे उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। साल 2002 से 2009 के बीच भूटान, बंग्लादेश, नेपाल और बर्मा बार्डर तक 1.32 लाख किमी साइकिल यात्रा कर काफी चर्चित हुए थे। इसके लिए इनका नाम लिम्का बुक ऑफ विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था।
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रणजीत बच्चन का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
रणजीत को सपा सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा भी मिला। लखनऊ में रहने के दौरान रणजीत, चक्रपाणि महाराज के संपर्क में आकर उनके संगठन से जुड़े। बाद में उन्होंने विश्व हिंदू महासभा के नाम से अलग संगठन बनाकर खुद को अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया।

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- फोटो : amar ujala
खुद को हिंदू नेता के तौर पर स्थापित करने के लिए उन्होंने भगवा कपड़े पहनना शुरू कर दिया था। कुछ दिन पहले ही सीएए पर भड़काऊ बयान देकर काफी चर्चाओं में आए थे। उन्होंने बयान दिया था कि जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
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रणजीत बच्चन। - फोटो : अमर उजाला
रणजीत ने गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। वहां कौशल्या आश्रम के नाम से वृद्धा एवं अनाथों के लिए एक संस्था वह चलाते थे। वहीं भारतीय सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के नाम से सामाजिक संस्था भी वह गोरखपुर में चला रहे थे। भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। भारतेंदु नाट्य अकादमी के ग्रेडेड आर्टिस्ट व आल इंडिया दूरदर्शन ड्रामा आर्टिस्ट संगठन से भी जुड़े थे। उन्होंने महापुरुषों की प्रतिमा की सफाई, पल्स पोलियो के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया था।
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