सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का कहना है कि अखिलेश यादव को आस्तीन के सांपों की पहचान हो गई है तो उनसे शीघ्र छुटकारा पाना चाहिए। नाम लिए बिना इशारों ही इशारों में उन्होंने रामगोपाल यादव और नरेश अग्रवाल को इस श्रेणी में रखा। पेश हैं शिवपाल से हुई बातचीत के अंश :
सवाल - सेकुलर मोर्चा बनाने की क्यों जरूरत पड़ी?
जवाब - पिछड़ी, अति पिछड़ी जातियों, अल्पसंख्यकों, खासतौर से मुसलमानों की उपेक्षा हो रही है। किसानों की तरह बुनकरों की भी हालत खराब है। इन सभी को न्याय दिलाने के लिए सेकुलर मोर्चा बना रहे हैं।
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सवाल - क्या पुराने समाजवादियों से आपकी बात हुई है?
जवाब - हमने बातचीत शुरू कर दी है। सभी सेकुलर दलों से बात करेंगे। लोहिया, गांधी और चौधरी चरण सिंह के अनुयायियों से एक साथ आने की अपील करेंगे।
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सवाल - सेकुलर मोर्चा कब तक गठित हो जाएगा?
जवाब - रूपरेखा बना रहे हैं, जल्द ही इसका स्वरूप सामने आ जाएगा। मोर्चे के अध्यक्ष नेताजी होंगे।
सवाल - क्या निचले स्तर पर इसका विस्तार करेंगे?
जवाब - हां, जिला और विधानसभा क्षेत्रों तक मोर्चे का गठन किया जाएगा।
सवाल - क्या सेकुलर मोर्चे के गठन को सपा की टूट की शुरुआत माना जाए?
जवाब - यदि अखिलेश चाहें तो टूट से बचा जा सकता है। अखिलेश को नेताजी को नेतृत्व सौंपकर उनका सम्मान वापस करना चाहिए। पार्टी को मजबूत और परिवार को एक करना चाहिए।