गोमती नदी की सफाई का काम लाल पुल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे गऊ घाट तक साफ किया जाएगा। इसके निर्देश बुधवार को प्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह ने सिंचाई विभाग को दिए। (गोमती तट पर स्थित शनि मंदिर से बाहर निकलते कैबिनेट मंत्री।)
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'दर्शन' नहीं किसी और मकसद से आए शिवपाल!
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वे नदी के निरीक्षण के लिए कुड़ियाघाट पर पहुंचे थे, जहां नदी की स्थिति देखते हुए उन्होंने सफाई का काम आगे तक विस्तार से करने को कहा हैं। (शिवपाल के साथ कई अफसर भी थे।)
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'दर्शन' नहीं किसी और मकसद से आए शिवपाल!
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इससे पहले सिंचाई विभाग द्वारा तय नदी की सफाई योजना के तहत लाल पुल से लेकर ला-मार्टीनियर बंधे तक सफाई करवाई जा रही थी। इसके तहत नदी में जेसीबी, ड्रेजर मशीन, पोकलेन और अन्य उपकरणों से सिल्ट व मलबा निकाला जा रहा है। नदी में भारी मात्रा में जमा मलबे को निकालने के साथ किनारों को भी ऊंचा किया जा रहा है। यहां दोनों और डायफ्रॉम वाल बनाई जानी है।
'दर्शन' नहीं किसी और मकसद से आए शिवपाल!
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पहले चरण में यह वाल निशातगंज पुल से ला-मार्टीनियर बंधे तक बनाई जाएगी। वहीं, बारिश के मौसम के बाद लाल पुल तक बाकी वाल बनाने की योजना है, लेकिन इस योजना में कुड़ियाघाट और गऊ घाट जैसे नदी के महत्वपूर्ण हिस्से छूट सकते थे जिसे देखते हुए सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह ने अपने निरीक्षण के दौरान इन्हें भी योजना में शामिल करने के निर्देश दिए।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रूप सिंह ने बताया कि अब योजना में करीब ढाई किमी लंबा नदी का विस्तार और जुड़ गया है। उन्होंने बताया कि निर्देश मिलने के बाद बुधवार से ही बाकी हिस्से में भी काम शुरू कर दिया गया है।