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अभिभावकों ने बच्चे भेजने से मना किया तो मेडिकल रिपोर्ट मांग रहे स्कूल, DIOS बोले- दबाव नहीं डाल सकते

Sat, 27 Feb 2021 06:49 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : अमर उजाला
एक मार्च से पांचवीं तक के बच्चों को भेजने से असहमति जताने पर कई स्कूल बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट मांग रहे हैं। ऐसे में अभिभावक दबाव में आ गए हैं। वहीं, स्कूल खुलने पर बेसिक शिक्षा के साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग के 51 प्रधानाचार्यों की टीम भी स्कूलों पर नजर रखेगी। एसओपी का पालन न होने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- फोटो : अमर उजाला
स्कूलों में प्राइमरी कक्षाएं लगाने को लेकर शासन एसओपी जारी कर चुका है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल को लेकर लापरवाही की अभिभावकों की शिकायत आई तो स्कूलों पर कार्रवाई होगी। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि बेसिक के सभी खंड शिक्षा अधिकारी, संकुल प्रभारी अपने क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे।
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- फोटो : iStock
बच्चों को जबरदस्ती नहीं बुला सकते
डीआईओएस ने साफ निर्देश दिया कि कोई भी स्कूल बच्चों को जबरदस्ती नहीं बुलाएगा। इसके लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं डाला जाएगा। यदि इसकी शिकायत आई तो स्कूल पर कार्रवाई होगी। वहीं, मेडिकल सर्टिफिकेट मांगने को लेकर डीआईओएस ने कहा कि कोई स्कूल अभिभावक पर इस तरह का दबाव नहीं डालेगा।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
ऑफलाइन परीक्षा के लिए स्कूल नहीं डाल सकते दबाव
अधिकतर स्कूलों में मार्च में वार्षिक परीक्षाएं प्रारंभ हो रही है। स्कूल अभिभावकों पर आठवीं तक के बच्चों को ऑफलाइन परीक्षा में शामिल करने का दबाव बना रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
इस पर डीआईओएस ने कहा कि शासन के एसओपी अनुसार स्कूल ऑफलाइन परीक्षा के लिए दबाव नहीं डाल सकते। जिन्हें ऑनलाइन शामिल होना है उनके लिए स्कूलों को व्यवस्था करनी होगी, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।
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