इसी तरह गन्ना पर्ची, चीनी मिलों के भुगतान, बुवाई की स्थिति, बीज-खाद की उपलब्धता और विवादों में घिरे कृषि कानूनों के बारे में तथ्यात्मक जानकारी देते हुए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिससे किसान नेताओं के मत का समर्थन करते हुए उन्हें अपने तरीके से समझाया जा रहा है।