इसी साल ने "गांधी" (1982), "शतरंग के खिलाड़ी" (1977), "हिना" (1991) और "राम तेरी गंगा मैली" (1985) जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय का मुजायरा पेश करने वाले सईद जाफरी को हमसे छीन लिया। उन्होंने नायक और खलनायक दोनों ही तरह की भुमिकाएं कमाल के अभिनय किए। उनके राम तेरी गंगा मैली के डायलॉग "गंगा कभी कलकत्ता से बनारस की ओर नहीं बहती, वो बनारस से कलकत्ता ही आती है" को बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन डायलॉगों में से एक माना जाता है। बीते 14 नवंबर को उनकी मौत की खबर फेसबुक जरिए सामने आई।
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हमेशा याद रहेंगे अवध के नवाब सईद जाफरी, खास तस्वीरें...
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सईद जाफरी सत्यजीत रे की फिल्म शतरंज के खिलाड़ी में अवध के नवाब के रूप में नजर आए थे। जाफरी के फिल्मी करियर में ये एक महत्वपूर्ण फिल्म थी। साथ ही इस फिल्म में निभाया गया उनका अवध के नवाब का करेक्टर भी काफी चर्चित रहा था।
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हमेशा याद रहेंगे अवध के नवाब सईद जाफरी, खास तस्वीरें...
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सत्यजीत रे की फिल्म शतरंज के खिलाड़ी में लखनऊ और यहां के नवाबों की भूमिका को सईद जाफरी ने बखूबी निभाया था। इस फिल्म में नवाब की भूमिका निभाने के लिए उन्होंने 1978 में फिल्मफेयर अवार्ड से भी नवाजा गया।
हमेशा याद रहेंगे अवध के नवाब सईद जाफरी, खास तस्वीरें...
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अवध के इस नवाब को भुलाया नहीं जा सकेगा। जाफरी ने अपनी इस फिल्म में नवाब के किरदार को अच्छी तरह से जीया था। नवाबों के अंदाज में मुंह में तंबाकू, हाथों में चमकती हुई अंगूठियां और नवाबी उर्दू बोली।