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सड़क पर तड़प रही थीं लड़कियां: प्रत्यक्षदर्शी बोले, 'भइया जिस तरह से फिल्मों में होता है वैसी ही दुर्घटना थी'

Mon, 09 Feb 2026 10:02 PM IST
ishwar ashish धर्मेश त्रिवेदी, अमर उजाला, रायबरेली

सार

रायबरेली में गंगा एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे ने चार जिंदगियां लील ली। प्रत्यक्षदर्शियों ने जिस तरह से दुर्घटना का वर्णन किया वो भयावह था। जांच में कार की रफ्तार अधिक होने की बात कही जा रही है।
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- फोटो : amar ujala
घड़ी में दोपहर के करीब एक बज रहे थे। स्थान चूली गांव, जहां पर बेकाबू कार ने एक किशोरी व तीन युवतियों की जिंदगी लील ली थी। घटनास्थल का नजारा दिल दहलाने वाला था। लड़कियों की जूतियां, चप्पल पड़े थे। डिवाइडर पर खून लगा था। सड़क पर खून बिखरा पड़ा था। कार के सड़क पर 500 मीटर की दूरी तक रगड़ने के धब्बे जाहिर कर रहे थे कि मौत किस तरह भयावह होकर सामने आई। आसपास के लोग बताते हैं कि कार की रफ्तार 140 किमी प्रति घंटा थी, जिसने पलक झपकते चार परिवारों की खुशियों को गम में तब्दील कर दिया।

कोडर और चूली गांव के बीच की करीब एक किमी दूरी है। चूली गांव में भंडारा कार्यक्रम था। चूली गांव जाने के लिए वैसे तो सर्विस रोड बनी है, लेकिन रविवार शाम को नौ किशोरियां व युवतियां निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से होकर घर लौट रही थीं। कार प्रयागराज से रायबरेली की तरफ आ रही थी। घटनास्थल का नजारा साफ बयां कर रहा था कि यह हादसा कार चालक की लापरवाही से हुआ।
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- फोटो : amar ujala
बरगदहा गांव के शुभम मौके पर मौजूद थे। बताया कि हादसे के दौरान घटनास्थल से वह कुछ दूरी पर मौजूद थे और देखा कि कार दूसरी साइड से आ रही थी। कार लड़खड़ा रही थी। इससे लगा कि कार के अगले हिस्से का टायर पंक्चर था। चालक भी कार संभाल नहीं पा रहा था, इससे लगा कि उसने नशा कर रखा था। कार लड़कियों को रौंदने के बाद डिवाइडर से टकरा गई। इससे कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। टक्कर इतनी तेज थी कि लड़कियां गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़प रही थीं। भागकर गांव पहुंचा और हादसे की जानकारी दी।
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- फोटो : amar ujala
कुछ देर बाद ग्रामीणों के अलावा पुलिस मौके पर आ गई। घटनास्थल पर शराब की बोतल भी पड़ी थी। चूली गांव के 12 वर्षीय सत्यम हादसे का जिक्र करते ही सन्न रह जाते हैं। कहते हैं कि भइया जिस तरह फिल्मों में हादसे वाली घटनाएं होती हैं, कुछ वैसा ही रविवार शाम की घटना थी। तेज रफ्तार कार आई और लड़कियों को रौंद दिया।

सत्यम बताते हैं कि एंबुलेंस 40 मिनट लेट मौके पर पहुंची थी, लेकिन बाद में उसका गेट ही नहीं खुल रहा था। करीब 25 मिनट गेट खोलने में लगा, तब तक घायल लड़कियों की हालत और चिंताजनक हो गई। जगतपुर सीएचसी पहुंचते-पहुंचते दो लड़कियों की मौत हो चुकी थी। पास में ही मौजूद किसान रमेश कुमार कहते हैं कि हादसे के बाद समय रहते लड़कियों को अस्पताल पहुंचा लिया जाता तो उनकी जान शायद बच सकती थी।

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इसी कार से हुआ था हादसा। - फोटो : amar ujala
सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी कहते हैं कि शुरुआती जांच में कार की रफ्तार अधिक होने और अंधेरे की वजह से हादसा हुआ है। चालक ने शराब पी थी या नहीं, इसके साथ अन्य बिंदुओं की विस्तृत जांच कराई जा रही है।
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जगतपुर थाना क्षेत्र के गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे खोदी गई पटरी - फोटो : amar ujala
चेता प्रशासन, खोदवाया रास्ता
घटनास्थल के पास ही गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए एक स्थान पर कच्चा रास्ता बना था। चार लड़कियों की मौत के बाद जिला प्रशासन चेत गया। यही वजह रही कि सोमवार सुबह ही प्रशासन की तरफ से एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए बने कच्चे रास्ते को जेसीबी से खोदवा दिया गया। मकसद है कि लोगों का आना-जाना सर्विस रोड से हो। एक्सप्रेसवे से लोग सफर न करें।

फर्राटा भरते नजर आए वाहन
हादसे के बाद भी निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से लोग दो पहिया व चार पहिया से फर्राटा भरते नजर आए। उन्हें टोकने वाला कोई नहीं दिखा। हादसे के बाद लोग भी एक्सप्रेसवे से सफर करने को लेकर घबराए नहीं। फिलहाल इस हादसे से जाहिर है कि एक्सप्रेसवे की सुरक्षा को लेकर और संवेदनशील होना होगा। एक्सप्रेसवे के नियमों का पालन करना होगा।
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