डॉ अनुराग
- फोटो : अमर उजाला
क्या थीं सर्जरी की चुनौतियां
डॉ. अनुराग ने बताया कि कैंसर जीभ के पिछले हिस्से में 20 फीसदी से ज्यादा फैल गया था। गले में लेवल टू तक बढ़ गया था। इसलिए मांडेबल स्वीन टेक्नीक अपनाई गई। इसमें जबड़े को काटकर गले की तरफ से नीचे से ऊपर जाकर सर्जरी की गई। आमतौर पर मुंह से नीचे जाकर सर्जरी की जाती है। इसके बाद गाल के मांस और चमड़े को लेकर सर्जरी के दौरान कटी जीभ की प्लास्टिक सर्जरी कर उसे पूरा किया गया। फिर गले में मौजूद गांठ निकाली गई। इसमें पहले लेवल पांच, फिर चार और फिर एक पर आया गया। आमतौर पर सामान्य सर्जरी में लेवल एक को पहले हटाया जाता है।