फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेकुलर मोर्चा बनाने को आखिर क्यों मजबूर हुए शिवपाल, यहां पढ़ें वो कारण

Thu, 30 Aug 2018 02:06 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 6
shivpal and akhilesh - फोटो : amar ujala
सपा के पूर्व मंत्री शिवपाल यादव का अलग मोर्चा बनाने की ये योजना कुछ दिनों की नहीं है। ये तो वो टीस है जो कई साल से शिवपाल के मन को विचलित कर रही थी। समाजवादी पार्टी में लगातार उपेक्षा का परिणाम ऐसे सामने आया कि उन्होंने समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का गठन कर दिया है। आगे की स्लाइड्स में देखें कि शिवपाल को आखिर क्यों उठाना पड़ा ये कदम।
विज्ञापन

2 of 6
शिवपाल सिंह यादव
सपा की किसी भी मीटिंग में शिवपाल सिंह यादव को नहीं बुलाया जा रहा था। उपेक्षा का ये सिलसिला लंबे समय से चल रहा था। इस बात को आज शिवपाल सिंह यादव ने खुद मीडिया के सामने भी कहा।
विज्ञापन

3 of 6
yadav family - फोटो : amar ujala
जनवरी 2017 में लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में शिवपाल सिंह यादव को पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा कर दी गई।

4 of 6
शिवपाल सिंह यादव व मुलायम सिंह यादव। - फोटो : amar ujala
इसके बाद यूपी विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान भी शिवपाल यादव की भारी उपेक्षा की गई। उन्हें प्रचारक ही नहीं बनाया गया। चुनावी रणनीति में महारत होने के बावजूद उनकी अनदेखी की गई और आखिरकार पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

5 of 6
akhiles and shivpal - फोटो : amar ujala
सपा सरकार में अक्टूबर 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंत्रीमंडल से अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव को हटा दिया था। इनके अलावा ओमप्रकाश सिंह, नारद राय और शादाब फातिमा को हटा दिया था। बाद में चुनाव के दौरान नारद राय और फातिमा बसपा में शामिल हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
शिवपाल यादव
वर्ष 2017 में शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर नरेश उत्तम को कमान सौंप दी गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें