चूहा से हाथी साबित हुए मुलायम
वर्ष 1967 का विधानसभा चुनाव आया। प्रख्यात समाजवादी नत्थू सिंह ने अपनी जगह मुलायम का नाम प्रस्तावित किया। उनकी जिद पर लोहिया, प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया व समाजवादी नेता राजनारायण ने सहमति भी दे दी।
- मुलायम के खिलाफ कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया था इटावा और आसपास के प्रसिद्ध एडवोकेट लाखन सिंह को। वे भाकपा से कांग्रेस में आए थे। जैसा कि पुराने लोग बताते हैं, स्थानीय लोग कहते थे कि लाखन जैसे हाथी के सामने मुलायम चूहा है। मुलायम ने कुछ पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया था, ‘चुनाव प्रचार के दौरान लोग कहते थे कि राजनीति में अभी तुम्हारे दूध के दांत भी नहीं टूटे हैं। तुम क्या मुकाबला कर पाओगे? पर, मैं इन बातों पर ध्यान दिए बिना लोगों से लगातार मिलता रहा। अपनी बात बताता रहा।
- कुछ ही दिन में माहौल बदलने लगा। नौजवानों की बड़ी टोली हमारे साथ जुड़ गई। मैं चुनाव जीत गया।' लाखन हारे ही नहीं, उनकी जमानत भी जब्त हो गई। लोगों ने कहा, चूहा हाथी साबित हो गया और हाथी चूहा।