कितनी खुशगवार रही होगी आजाद भारत की पहली सुबह। शहर, गांव, गली, मोहल्लों में उत्साह केसाथ ही घर केभीतर महिलाओं में भी कितना उल्लास था। यह बताने के लिए राजधानी में बहुत कम लोग ही हैं। उनमें से एक नाम है 89 वर्षीय हेना उप्रेती का। उन्होंने क्रांतिकारी दुर्गा भाभी केसाथ तकरीबन 25 साल काम किया। दुर्गा भाभी द्वारा स्थापित लखनऊ मॉन्टेसरी स्कूल में वे आजीवन शिक्षिका रहीं। आइये जानते हैं उन्हीं से उस दौर के कुछ रोचक किस्से।