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पीएम मोदी देंगे इन होनहारों को गोल्ड मेडल, कुछ अलग है इनकी कहानी

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इंसान अपने लक्ष्य को पाने के लिए कुछ भी कर सकता है। यह वास्तविकता हमें गोल्डमेडलिस्ट रमनदीप सिंह व प्रीती वर्मा की कहानी में मिली।

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पीएम मोदी देंगे इन होनहारों को गोल्ड मेडल, कुछ अलग है इनकी कहानी

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आप में यदि कुछ कर गुजरने का जुनून है, अपने लक्ष्य को पाने की ललक है तो, सच मानिए जीवन में कोई भी बाधा आपका रास्ता नहीं रोक सकती।
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पीएम मोदी देंगे इन होनहारों को गोल्ड मेडल, कुछ अलग है इनकी कहानी

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यह फलसफा है डॉ.शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के स्टूडेंट रमनदीप सिंह और प्रीति वर्मा का। दोनों देख नहीं सकते, लेकिन दोनों गोल्डमेडलिस्ट हैं। रमन ने यूजी और प्रीति ने पीजी में गोल्ड मेडल हासिल किया है।

पीएम मोदी देंगे इन होनहारों को गोल्ड मेडल, कुछ अलग है इनकी कहानी

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विवि का दीक्षांत समारोह इसी माह के दूसरे हफ्ते में होना संभावित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। रमनदीप बताते हैं कि पढ़-लिख कर एक बड़ा अधिकारी बनने की चाहत है, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ी आंखों की रोशनी कम होती गई। एक समय तो लगा कि शायद अब सपना पूरा नहीं हो पाएगा।

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फिर ठान लिया कि कुछ भी हो जाए, लक्ष्य पाकर ही रहूंगा। रमन ने बीए में 76.30 फीसदी अंकों के साथ अपने वर्ग में टॉप किया है। रमनदीप के घर की माली हालत भी बहुत अच्छी नहीं।

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उनके पिता सरदार नरेंद्र सिंह प्राइवेट नौकरी में और मां महिंदर कौर गृहिणी हैं। रमनदीप का छोटा भाई करमवीर सिंह कक्षा नौवीं का छात्र है जबकि दूसरे भाई गुरदीप का निधन हो चुका है।

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एमए हिंदी में 79.25 फीसदी अंकों के साथ निशक्तजन श्रेणी में गोल्ड मेडल पाने वाली प्रीति वर्मा ने ब्रेल लिपि की किताबें कम पड़ने पर नया रास्ता निकाला। उन्होंने साधारण किताबें खरीदीं और छोटी बहन व पिता से कहा कि वह उसे पढ़कर सुनाएं।
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इससे उनकी तैयारी और बेहतर हो गई। यदि किसी जगह दिक्कत लगती तो पिता से ही उस हिस्से पर निशान लगवा लेती। अगले दिन क्लास में शिक्षक को किताब देकर उस विषय को समझतीं। इसके अलावा क्लासेज में रेग्युलर रहीं और शिक्षक जो भी बोलते उसे ध्यान से सुना। स्टोरी: शैलेश अरोड़ा

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