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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: '25 दिनों तक दुष्प्रचार, निजी जीवन को बनाया निशाना'; चंपत राय की डायरी में नया खुलासा

Fri, 28 Aug 2026 08:54 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

राम मंदिर के चढ़ावे पर डाका डालने के मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। पूर्व महासचिव चंपत राय की डायरी में लिखा है कि 25 दिन तक लगातार दुष्प्रचार चला। व्यक्तिगत जीवन को निशाना बनाया तो उन्होंने मौन धारण कर लिया। चंदा चोरी के खुलासे पर पहले दिन ही चंपत राय से चार घंटे पूछताछ हुई।
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Ram Temple Donation Case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
रामजन्मभूमि परिसर में चढ़ावे से जुड़े प्रकरण के सामने आने के बाद करीब 25 दिनों तक लगातार दुष्प्रचार किए जाने का दावा सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपनी डायरी में लिखा है कि शुरुआती दौर में मामला मंदिर से जुड़े घटनाक्रम तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे विभिन्न माध्यमों से चल रहा दुष्प्रचार उनके व्यक्तिगत जीवन तक केंद्रित हो गया। इससे वह मानसिक रूप से आहत हुए और उन्होंने सार्वजनिक रूप से मौन धारण कर लिया।

चंपत राय की डायरी के मुताबिक 11 जून की रात लखनऊ में पांच ट्रस्टियों की बैठक में प्रकरण की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त तीन न्यायाधीशों की समिति गठित करने पर विचार हुआ था। इसी क्रम में तैयार किए गए एक प्रारूप को वाट्सएप पर न्यासियों को भेजते समय वह अनजाने में मोबाइल के स्टेटस पर भी लग गया।
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चंपत राय और अनिल मिश्रा - फोटो : @ChampatRaiVHP
कुछ मिनट में उसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक कई लोगों की नजर उस पर पड़ चुकी थी। इसके बाद प्रारूप के प्रेस तक पहुंचने और अगले दिन अखबार में प्रकाशित होने से विवाद और तेज हो गया। इसके बाद 12 जून को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विशेष जांच दल से जांच कराने का अनुरोध किया गया। 

 
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चंपत राय और अनिल मिश्रा - फोटो : PTI
अगले दिन पत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचा और एसआईटी गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई। इसी दौरान लगातार आरोप-प्रत्यारोप और मिथ्या प्रचार शुरू हो गया। धीरे-धीरे इसका केंद्र मंदिर प्रकरण से हटकर व्यक्तिगत जीवन बन गया। 

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चंपत राय - फोटो : अमर उजाला
24 जून से चंपत राय ने मंदिर परिसर में जाना और पत्रकारों से मिलना बंद कर दिया तथा अपने कमरे से बाहर निकलना भी छोड़ दिया। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अपने खिलाफ चलाए गए सुनियोजित अभियान के रूप में महसूस किए जाने की बात भी कही है।
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श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय - फोटो : amar ujala
पहले दिन ही चंपत राय से हुई थी चार घंटे पूछताछ
बयान में यह भी उल्लेख है कि 15 जून को गठित एसआईटी के तीन सदस्य रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे और करीब चार घंटे तक चंपत राय से अकेले में पूछताछ की। टीम ने घटनाक्रम, दस्तावेजों और चढ़ावा चोरी के आरोपी युवकों से लिए गए स्वीकारोक्ति पत्रों की मूल प्रतियां भी हासिल कीं। इसके बाद डॉक्टर अनिल मिश्र व गोपाल राव से पूछताछ का क्रम चला। इनसे कई चक्र पूछताछ की गई। दो-तीन बार डॉक्टर अनिल व चंपत राय से एक साथ पूछताछ की गई।
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राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राम मंदिर के चढ़ावे में लंबे समय से लग रही थी सेंध
रामजन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि की चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की आंतरिक पड़ताल में सामने आए तथ्य इस पूरे प्रकरण को महज चार जून की घटना तक सीमित नहीं रखते। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की गोपनीय डायरी में दर्ज घटनाक्रम के मुताबिक, चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी की आशंका इससे कुछ महीने पहले भी सामने आ चुकी थी। अप्रैल में ही एक कर्मी को चोरी के आरोप में हटा दिया गया था। चार जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने पर पुराने प्रकरण की भी कड़ियां खंगाली गईं।

 
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अयोध्या राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
चंपत राय ने अपनी डायरी में लिखा है कि चोरी की घटना सामने आने से कुछ महीने पहले एक युवक को परिसर से हटाया गया था। पूछताछ के दौरान उसके परिचित दो गणना कर्मियों को बुलाकर उससे संबंधित जानकारी ली गई। दोनों अयोध्या के रहने वाले थे और उनसे अलग-अलग पूछताछ की गई। दोनों के बयान में बड़ा विरोधाभास सामने आया।

 

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राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महामंत्री चंपत राय - फोटो : amar ujala
एक गणना कर्मी ने बताया कि संबंधित युवक को चोरी करने के कारण हटाया गया था। वहीं दूसरे ने कहा कि उसने चोरी के संबंध में बैंक के एक व्यक्ति से शिकायत की थी और इसी वजह से उसे हटाया गया था। दोनों के बयानों में विरोधाभास मिलने के बाद दोनों युवकों को वापस भेज दिया गया। इससे यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया कि क्या चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी की शिकायतें और चोरी का सिलसिला जून की घटना से पहले से चल रहा था?

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राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय। - फोटो : अमर उजाला
आठ जून तक बरामद कर ली थी देवोत्तर राशि
डायरी के अनुसार, पांच जून की रात से आठ जून की शाम तक लगातार पूछताछ और धन की बरामदगी का सिलसिला चला। यानी पुलिस कार्रवाई शुरू होने से पहले ही ट्रस्ट स्तर पर पूछताछ कर धन की बरामदगी की कोशिश की गई और उसमें सफलता भी मिली। ट्रस्ट की ओर से अलग-अलग लोगों से पूछताछ की गई और इस दौरान देवोत्तर राशि का काफी धन वापस प्राप्त किया गया। आठ जून को डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव, परिसर पुलिस के तीन लोगों और चंपत राय ने भी पूछताछ की।

 

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Ram Mandir - फोटो : अमर उजाला
पुरानी घटना से चोरी तक कई सवाल अनुत्तरित
चंपत राय की डायरी में दर्ज घटनाक्रम अब कई सवाल खड़े करता है। अप्रैल में चोरी के आरोप में कर्मी को हटाया गया था तो उससे पहले क्या हुआ था?। दो गणना कर्मियों के बयानों में विरोधाभास क्यों था? पुराने कर्मचारी से जुड़ा प्रकरण और उसके संबंध में सामने आए विरोधाभासी बयान यह सवाल छोड़ जाते हैं कि क्या चार जून को सामने आई चढ़ावा चोरी किसी एक दिन की वारदात थी या इसके पीछे लंबे समय से चल रही कोई व्यवस्था थी।

 

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राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अखिलेश तक कैसे पहुंची चोरी की बात, हमारे बीच भेदिया कौन?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के मामले में मंदिर परिसर के भीतर हुई कार्रवाई को लेकर पूर्व महासचिव चंपत राय की गोपनीय डायरी में कई गंभीर सवाल दर्ज हैं। डायरी में उन्होंने लिखा कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव तक घटना की जानकारी पहुंचने के बाद उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि “हमारे बीच में छिद्र कहां है, कौन भेदिया है?”

 

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राममंदिर का परिसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डायरी के मुताबिक, चंपत राय चार जून को ट्रेन संख्या 14206 दिल्ली-अयोध्या एक्सप्रेस से अयोध्या के लिए रवाना हुए थे। उसी रात करीब 9:30 बजे कार्यकर्ता आनंद चौधरी का वाट्सएप संदेश मिला कि हुंडी गणना कक्ष के शौचालय में नोटों की गड्डी मिली है। करीब 2.25 लाख रुपये की रकम सामने आने के बाद मामले की पड़ताल शुरू हुई।

 

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राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अगले दिन अयोध्या पहुंचने पर सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। डायरी में दर्ज विवरण के अनुसार, शाम की दूसरी शिफ्ट में काम करने वाले तीन गणना कर्मियों पर रकम चोरी करने का संदेह सामने आया। पांच जून की रात तीनों युवकों को घर जाते समय रोककर पूछताछ की गई। इसके बाद उनके घरों से अलग-अलग रकम मंगाकर बरामद की गई।
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राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोपाल राव ने चंपत राय को आरोपियों के पकड़े जाने और एफआईआर दर्ज कराने की जानकारी दी। हालांकि, चंपत राय ने एफआईआर कराने से इंकार करते हुए कहा कि रामजन्मभूमि परिसर में पुलिस मौजूद है और मामले की जानकारी उसे दी जाए।
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