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राम मंदिर: मुहूर्त का दोष मिटाने को पहले हुई थी वास्तु पूजा, कन्या लग्न व आयुष्मान योग में हुआ था अनुष्ठान

Fri, 07 Aug 2020 10:37 AM IST
शाहरुख खान धीरेंद्र सिंह, अमर उजाला, अयोध्या
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भूमि पूजन - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
ज्योतिषपीठाधीश्वर जगतगुरु स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा भूमि पूजन के मुहूर्त पर उठाए गए सवालों के बाद एक खास पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या पहुंचने से दो दिन पहले करा ली गई थी। मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि के जिस गर्भगृह में भूमि पूजन किया, वहां तीन अगस्त की सुबह 9:30 बजे फावड़ा चलाकर वास्तु पूजा की गई थी। 
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भूमि पूजन करते हुए पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
इसमें शामिल वैदिक आचार्य व ज्योतिष कहते हैं कि पूजा के जरिये पांच अगस्त को मुहूर्त न होने का दोष समाप्त कर लिया गया था। प्रधानमंत्री द्वारा बुधवार को भूमि पूजन के पहले से ही गर्भ गृह में नींव खुदी हुई थी। उसमें नौ पूजित शिलाएं भी रखी थीं। 
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पीएम मोदी ने रखी आधारशिला - फोटो : एएनआई
नींव की खुदाई कब व कैसे हुई, मोदी से पहले किसने पूजा की, इसका रहस्य बृहस्पतिवार को भूमि पूजन अनुष्ठान के संयोजक और विहिप के कारसेवकपुरम स्थित वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य इंद्र देव मिश्र ने बताया। उनके मुताबिक तीन अगस्त श्रावण पूर्णिमा को भद्रा समाप्त होने के बाद सुबह 9:30 बजे से शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा व कन्या लग्न के मुहूर्त में वास्तु पूजा कराई गई थी। 

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पूजा करते हुए पीएम मोदी - फोटो : एएनआई
इसके यजमान कोलकाता निवासी उद्यमी महेश भागचंदका सपत्नीक थे। जबकि मंदिर निर्माण के लिए पहला फावड़ा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने चलाया। 
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पूजा करते हुए पीएम मोदी - फोटो : एएनआई
वास्तु पूजा बेहद फलदायी 
ज्योतिषियों के अनुसार जिस लग्न में वास्तु पूजा संपन्न हुई वह बेहद फलदायी है। कन्या लग्न की इस कुंडली में लग्न के स्वामी व  कर्म भाव के स्वामी द्वादशेश के साथ एक राजयोग बना रहे हैं। अर्थात इस मंदिर की ख्याति विदेशों में होगी।
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पीएम मोदी ने किए रामलला के दर्शन - फोटो : एएनआई
सबसे अच्छी स्थिति अष्टकवर्ग की है, जिसमें नवें अर्थात धर्म के भाव को 32 बिंदु मिले हैं और पराक्रम या संचार के भाव को 38 बिंदु प्राप्त हुए हैं। अर्थात यह मंदिर प्रारंभ से लेकर बनने तक हमेशा चर्चा में रहेगा। भूमि व भवन के भाव में बृहस्पति और केतु की स्थिति मंदिर की मर्यादा को हमेशा बनाए रखेगा। 
 
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